नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। भाईचारा मंच के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों ने बैठक कर आरएसएस के पंथ संचालन के दौरान हुए विवाद में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। बैठक में सर्वसम्मति से पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। उनका कहना था कि पुलिस ने एक पक्ष के खिलाफ दबाव में काम किया। रालोद नेताओं के खिलाफ न सिर्फ मुकदमे दर्ज किए गए बल्कि जेल भी भेजा गया, जबकि भाजपा व आरएसएस के खिलाफ भी नामजद रिपोर्ट होने के बाद किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है। अधिवक्ता अजयवीर सिंह ने कहा कि जिस तरह से यह सारा विवाद हुआ वह शहर का माहौल खराब करने की रणनीति है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि रालोद नेताओं की दर्ज रिपोर्ट पर दूसरे पक्ष के लोगों को गिरफ्तार किया जाए। उनके द्वारा दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट को रद्द किया जाए, ऐसा न करने पर सभी दल संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे। साथ ही जिले से धारा १४४ समाप्त करने की भी मांग रखी गई। भाईचारा मंच ने पुलिस आयुक्त से उक्त मांगे की हैं, वहीं एक अन्य मामले में मंच ने देश के राष्टï्रपति के नाम मांग पत्र दिया है जिसमें देश में जातीय जनगणना कराए जाने और उस जनगणना के आधार पर पिछड़ों का आरक्षण निर्धारित किए जाने की मांग की गई है। साथ ही भाजपा सरकार पर फर्जी आयोग की आढ़ में फर्जी तरीके से आरक्षण किए जाने का भी आरोप भाईचारा मंच ने लगाया। बैठक में ओडी त्यागी, मनोज कुमार, सतपाल चौधरी, डॉ. रेखा चौधरी, अभिषेक गर्ग, पुष्पेन्द्र सिंह, ब्रजेश सिंह चौहान, निशांत, ओमकांर, नीरज गौतम, गजब सिंह आदि राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे।