पुलिस ने कर्मचारी व उसके पुत्र को गिरफ्तार करके किया सनसनीखेज वारदात का खुलासा
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। १९ अप्रैल को सिहानीगेट थाना क्षेत्र के मुकंदनगर में आभूषाणों का कारोबा कने वाले सर्राफ राजेश गोयल निवासी राजनगर को पत्र भेजकर २ करोड़ की फिरौती मांगने वाले पिता आलम व पुत्र दानिश निवासी सिहानीगेट थाने के एसएचओ रवेंद्र गौतम ने अपनी टीम के सहयोग से गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया। इस खुलासे के दौरान एसएचओ श्री गौतम ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर घटनास्थल से लेकर लगभग दो किमी तक लगे सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के अलावा एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ भी की। कैमरों की फुटेज खंगालने के दौरान जब दो शख्स पैदल जाते हुए नजर आए तो वह फुटेज कारोबारी एवं उसके कर्मचारियों को दिखाई गई। उनसे पता चला कि कैमरे में दिखाई देने वाला शख्स आलम निवासी मिर्जापुर है। वह सर्राफ के साथ लगभग १८ वर्षों तक जुड़ा रहा। उसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आलम और उसके पुत्र दानिश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आलम ने बताया कि लडक़ी की शादी करने और अन्य कई खर्चे हो जाने के कारण उसके ऊपर मोटा कर्जा हो गया था। कर्ज से उभरने के लिए उसने जब सेठ से पैसे मांगे तो सर्राफ ने देने से मना कर दिया। तब उसने सर्राफ से मोटी रकम हड़पने के लिए अपने पुत्र दानिश के साथ मिलकर साजिश रच दी। इसके तहत उसने पत्र लिखकर सर्राफ से दो करोड़ की फिरौती मांगी।
बता दें, एक बार फिर युग करवट की खबर खुलासे के बाद पूरी तरह से सत्य एवं सटीक निकली। इस खुलासे के लिए एसएचओ सिहानी गेट रविंद्र गौतम ने सहयोगियों के साथ दिन रात एक करके १९ अप्रैल को घटी ऐसी सननीखेज वारदात का खुलासा कर दिया कि जिसने पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के होश उड़ा दिये थे। जी हां यहां यह बात इसलिये कही जा रही है क्योंकि उक्त अपाधिक मामला महानगर के नामचीन सर्राफ से मांगी गई दो करोड़ की फिरौती से जुड़ा था। उक्त वारदात की तहरीर मिलने के बाद एसएचओ सिहानी गेट रवेंद्र गौतम ने जहां तत्काल रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी वहीं करोड़ों की फिरौती मांगने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी के लिये वैज्ञानिक एवं भौतिक स्तर पर प्रयास शुरू कर दिये थे।