नई दिल्ली। एक व्यक्ति को जिंदा रहने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है। हमारे शरीर में 66 प्रतिशत पानी होता है। हमारे दिमाग में 75 प्रतिशत, हड्डियों में 25 प्रतिशत और खून में 83 प्रतिशत पानी होता है। कोई भी इंसान बिना खाने के महीनेभर तक जिंदा रह सकता है, लेकिन बिना पानी के सिर्फ एक हफ्ते। एक व्यक्ति अपनी पूरी जिंदगी में औसतन 75 हजार लीटर पानी पीता है। किसी इंसान को स्वस्थ रहने के लिए हर दिन कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिए। लेकिन क्या ये पानी हमें वाकई हेल्दी बना रहा है? इसका जवाब शायद ‘नहीं’ है। दरअसल, आज के समय में हम पानी तो पी रहे हैं, लेकिन वो ‘जहर’ बन चुका है। ये बात सरकार ने संसद में मानी है। सरकार ने राज्यसभा में जो आंकड़े दिए हैं, वो सिर्फ चौंकाते ही नहीं है, बल्कि डराते भी हैं। ये आंकड़े डराते हैं कि हम अब तक जो पानी पीते आ रहे हैं, वो ‘जहरीला’ है। क्योंकि, देश के लगभग सभी राज्यों के ज्यादातर जिले ऐसे हैं, जहां ग्राउंड वाटर में जहरीली धातुओं की मात्रा तय मानक से ज्यादा पाई गई है।