युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सुप्रीम कोर्ट के बाहर युवक और युवती द्वारा आत्मदाह करने की घटना की आंच पूरे प्रदेश तक में दिखाई दे रही है तो वहीं सरकार अब ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुट गई है। बलिया के नरही थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाले युवती ने गाजीपुर के युवक के साथ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की। करीब अस्सी फीसदी जले युवक-युवती को राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत चिंता जनक बनी हुई है। युवक इस मामले में गवाह है। वहीं, प्रदेश की योगी सरकार ने बलिया जेल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई की। जेल अधीक्षक यू पी मिश्र, जेलर अंजनी गुप्ता, डिप्टी जेलर जितेंद्र कश्यप समय सभी अधीनस्थ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। आत्मदाह करने वाले युवक को बलात्कार के आरोप में बलिया जेल में रखा गया था। कहा जा रहा है कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के इशारे पर जेल में उसकी पिटाई की गई। युवती ने कुछ माह पहले सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हाई प्रोफाइल मामले में युवती का आरोप है कि उसे निचली अदालतों में न्याय नहीं मिला। वर्तमान में मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। सोमवार को इस मुकदमे की तारीख थी। उससे पहले ही दोनों ने आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। वाराणसी के लंका थाने में दर्ज है मुकदमा
मऊ के घोसी लोकसभा सीट से सांसद अतुल पर आरोप लगाते हुए बलिया की रहने वाली पीडि़ता ने एक मई 2019 को वाराणसी के लंका थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। वाराणसी के एक कॉलेज की छात्रा रह चुकी पीडि़ता का आरोप है कि अतुल राय ने सात मार्च 2018 को उसे लंका स्थित अपने फ्लैट में पत्नी से मिलाने के बहाने बुलाया था। वहां पहुंचने पर उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो भी बनाया। वहीं, दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीडि़ता के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हुआ था।