युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लोहिया नगर स्थित हिन्दी भवन में संगीत नाटक अकादमी व हिन्दी भवन समिति के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय नाट्य समारोह का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में फ्रिंटज करान्धी के लिखित हिन्दी अनुवादित नाटक ‘रिफंड’ का मंचन लखनऊ के कसंर्ड थियेटर के कलाकारों ने किया। इस नाटक के जरिए कलाकारों ने जहां सरकारी शिक्षा प्रणाली पर कटाक्ष किया, वहीं सरकारी स्कूलों की बदहाली की भी पोल खोल दी। नाट्य समारोह का शुभारंभ दर्जा प्राप्त मंत्री बलदेव राज शर्मा, युग करवट अखबार के प्रधान संपादक सलामत मियां, संगीत नाटक एकेडमी की नाट्य सर्वेक्षक शैलजा कांत, वरिष्ठ नाटककार व रंगकर्मी जयवर्धन सिंह, हिन्दी भवन समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल और महासचिव सुभाष गर्ग ने दीप प्रज्जवलित कर किया। नाट्य सर्वेक्षक शैलजा कांत ने इस अवसर पर कहा कि एकेडमी प्रदेश भर में इस तरह के आयोजन कर रही है। इस बार उन्हें गाजियाबाद में नाट्य समारोह करने का अवसर प्रदान हुआ है। जिले की सांस्कृतिक विरासत समृद्घ हो रही है, जो एक बेहतर संकेत है। शुभारंभ के बाद कलाकारों ने ‘रिफंड’ नाटक का मंचन किया। नाटक की कहानी मुख्य किरदार वासरकौफ के इर्दगिर्द घूमती है, जो १८ साल बाद उस स्कूल में पहुंचता है जहां से उसने पढ़ाई की थी। नौकरी न लगने पर वह स्कूल से अपनी फीस वापस मांगता है। जिसका जिम्मेदार व शिक्षक और स्कूल की शिक्षा प्रणाली का मानता है। ऐसे में स्कूल के प्रिंसीपल से लेकर शिक्षक उसका दोबारी परीक्षा लेते हैं, जिसमें गलत जवाब दिए जाने के बाद भी उसे पास कर दिया जाता है। अपने हास्य व्यंग्य से कलाकारों ने सरकारी शिक्षा बहाली की पोल खोल दी। नाटक में दर्शाया गया कि किस तरह उनके द्वारा पढ़ाए जाने पर एक युवक बेरोजगार रहता है, लेकिन सभी शिक्षक अपनी गलती मानने के बजाए उसे सही करने के चक्कर में छात्र को दोबारा पास कर देते हैं, यही इस नाटक का मूल था। नाटक के समापन अवसर पर डीएम आरके सिंह ने कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि नाटक के जरिए समाज को एक संदेश देने का काम किया जाता है, जो आज मंच पर कलाकारों ने बड़ी ही खूबसूरती से दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मंचन किया जाना चाहिए जिससे समाज में फैली कुरीतियों से लोग परिचित हों और उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा सके। डीएम ने संगीत नाटक एकेडमी की टीम को भी नाट्य समारोह के लिए शुभकामनाए दीं। संगीत एकेडमी की टीम को डीएम द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। फ्रिंटज करान्धी द्वारा लिखित नाटक का हिन्दी अनुवाद सेवा नैयर ने किया। इसके अलावा प्रिंसीपल की भूमिका में अनुपम बिसारिया, गणित शिक्षक शुभम सिंह चौहान, फिजिक्स शिक्षक उत्कर्ष मिश्र, भूगोल शिक्षक ज्योति सिंह, इतिहास शिक्षक पार्थ मिश्रा, संगीत शिक्षक विकास दुबे, हिन्दी शिक्षक शीलू सिंह, मंत्री अविनाश श्रीवास्वत, आया लकी और वासरकौफ का मुख्य किरदार आशीष गुप्ता ने बेहद खूबसूरती से निभाया। प्रकाश परिकल्पना एवं निर्देशन देवाशीष मिश्र, प्रस्तुति नियोजक अनुपम बिसारिया ने किया। नाट्य समारोह पांच जून तक चलेगा, जिसमें हर दिन नाटक का मंचन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा ने किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर, एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी, हिमांशु आदि मौजूद रहे।