निगरानी समितियों को सक्रिय रहने के दिए निर्देश
शोभा भारती
गाजियाबाद। जिला मुख्यालय में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने तल्ख तेवर दिखाए। अस्पतालों द्वारा कोविड मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित से अधिक शुल्क वसूली, कालाबाजारी आदि को लेकर उन्होंने अधिकारियां को कड़े निर्देश दिए हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अधिकारियों द्वारा फोन ना उठाने का मुद्दा उठाया जिस पर सीएम  योगी ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को समन्वय से कार्य करते हुए संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने निगरानी समितियों को और भी सक्रिय रहने को कहा।
बैठक में मुख्ममंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को हर हाल में तोडऩा है। उन्होंने कहा कि ऐसा संज्ञान में आया है कि कुछ निजी अस्पताल एवं कोरोना टेस्टिंग लैब महामारी में लूट के केंद्र बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए है कि ऐसे अस्पताल और लैब चिन्हित किए जाएं ताकि उन पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जा सके। गैर कोविड अस्पताल की शुरूआत करते हुए चिकित्सकों द्वारा टैली सुविधा से अन्य बीमारियों के बारे में लोगों को लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कोविड अस्पतालों के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से निरंतर स्तर पर मरीजों का इलाज संभव कराया जाए। मुख्यमंत्री ने निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए। जनपदों में पर्याप्त संख्या में एल-1 एल-2 तथा एल-3 बेड उपलब्ध हैं। सीएम योगी के समक्ष लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अधिकारियों द्वारा फोन ना उठाने की बात रखी। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी कीमत पर अवैध वसूली व कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान केन्द्रीय परिवहन राज्यमंत्री वीके सिंह, राज्य स्वास्थ्य मंत्री अतुल गर्ग, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, मोदीनगर विधायक  डॉ.मंजू सिवाच, साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, कोविड के नामित नोडल अधिकारी सेंथिल सी पांडियन, डीएम अजय शंकर पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।