युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। मधुबन बापुधाम योजना के प्रभावित किसानों ने एक समान मुआवजा देने व फर्जी मुकदमे लगाने के विरोध में जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। डीएम को सौंपे शिकायत पत्र में किसानों ने कहा कि वे मधुबन बापुधाम योजना के ८०० एकड़ भूमि के किसान है। ८ अक्टूबर २००७ को प्राधिकरण व किसान के बीच डीएम गाजियाबाद की अध्यक्षता में ११ सौ रुपए प्रतिवर्ग प्रतिकर तय हुआ था, जिसमें कॉलम-४ पर प्रधिकरण अधिकारी द्वारा लिखकर दिया गया कि इस योजना में भविष्य में कोई प्रतिकर बढ़ता है, तो बढ़ा हुआ प्रतिकर का लाभ करार में सम्मलित सभी भूस्वामियों को देना होगा। ३० नवंबर २०१६ के आधार पर ६००० रुपए व ६९०० रुपए भी प्रतिकर अधिनियम पारित किया गया। किसानों का आरोप है कि ८०० एकड़ के पीडि़त किसानों को बढ़े हुए प्रतिकर का कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है, जबकि कुछ किसानों को इसका लाभ दिया जा रहा है। इसका विरोध करने पर उल्टे किसानों और महिलाओं पर प्राधिकरण द्वारा झूठे मुकदमें दर्ज करा कर पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि अब प्राधिकर उनकी खड़ी फसल को काटने की तैयारी कर रहा है। किसानों ने डीएम से तत्काल झूठे मुकदमे वापस लेने, बढ़ा मुआवजा दिए जाने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में बोस कुमार, ब्रहमपाल शर्मा, जसवीर सिंह, धर्मपाल, तेजवीर सिंह, रामलाल, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।