युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक कार्यक्रम में ‘प्रधानमंत्री गति शक्ति योजनाÓ की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुर्गाष्टमी है, पूरे देश में आज शक्ति स्वरूपा का पूजन हो रहा है। शक्ति की उपासना के इस पुण्य अवसर पर देश की प्रगति की गति को भी शक्ति देने का शुभ कार्य हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान 21वीं सदी के भारत की गति को शक्ति देगा। अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘मल्टी मॉडल कनेक्टिविटीÓ को इस राष्ट्रीय योजना से गति शक्ति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि इस योजना से सभी प्रोजेक्ट अब तय समय पर पूरे होंगे और टैक्स का एक भी पैसा बर्बाद नहीं होगा। इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विषय ज्यादातर राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से दूर रहा है। ये उनके घोषणा पत्र में भी नजर नहीं आता है। अब तो ये स्थिति आ गई है कि कुछ राजनीतिक दल, देश के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर आलोचना करने में गर्व करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत, सरकारी व्यवस्थाओं की उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है। आज का मंत्र है, प्रगति के लिए इच्छा, प्रगति के लिए कार्य, प्रगति के लिए धन, प्रगति की योजना, प्रगति के लिए वरीयता। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हम, अगले 25 वर्षों के भारत की बुनियाद रच रहे हैं। पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, भारत के इसी आत्मबल को, आत्मविश्वास को आत्मनिर्भरता के संकल्प तक ले जाने वाला है। जबकि दुनिया में ये स्वीकृत बात है कि सतत विकास के लिए क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण एक ऐसा रास्ता है, जो अनेक आर्थिक गतिविधियों को जन्म देता है और बहुत बड़े पैमाने पर रोजगार का निर्माण करता है। पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान देश की पॉलिसी मेकिंग से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को, इन्वेस्टर्स को एक विश्लेषणात्मक और डिसीजन मेकिंग टूल भी देगा। इससे सरकारों को प्रभावी प्लानिंग और पॉलिसी बनाने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के 5 सालों में सिर्फ 3,000 किलोमीटर रेलवे का बिजलीकरण हुआ था। बीते सात सालों में हमने 24 हजार किलोमीटर से भी अधिक रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के पहले लगभग 250 किलोमीटर ट्रैक पर ही मेट्रो चल रही थी। आज 700 किलोमीटर तक मेट्रो का विस्तार हो चुका है।