गाजियाबाद-मेरठ टिकटों पर सस्पेंस
गाजियाबाद और मेरठ लोकसभा सीट पर पहली लिस्ट में उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं होने पर जो सस्पेंस बना है वो अभी बरकरार है और दो दिन के अंदर ये सस्पेंस खत्म हो जाएगा ऐसा सूत्रों ने बताया है। गाजियाबाद और मेरठ का टिकट होल्ड होने के बाद जो दावेदार घर बैठ गये थे उन्होंने फिर दोबारा से अपनी गोटियां फिट करनी शुरू कर दी है। तीसरी आंख ने देखा कि गाजियाबाद सीट पर कई दावेदार फिर सक्रिय हो गये हैं और उनके अंदर जबरदस्त कॉन्फिडेंस भी देखा जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण सिंह का नाम बड़ी प्रमुखता के साथ चला था और उन्होंने यहां के लोगों से मुलाकातें भी की थी। इसी बीच राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल एक बार फिर पूरी मजबूती के साथ टिकट की दौड़ में लग गये हैं। हालांकि उन्होंने पहले ही ये दावा किया था उन्हें ही पार्टी गाजियाबाद से लड़ाएगी। अब भी उनका कॉन्फिडेंस बरकरार है। पार्टी सूत्रों के अनुसार अनिल अग्रवाल के नाम पर पार्टी हाईकमान गंभीरता से विचार कर रही है। अनिल अग्रवाल का निकट संबंध केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से है और जब पीयूष गोयल के नाम की चर्चा गाजियाबाद से चली थी तब अनिल अग्रवाल ने अपने आप को पीछे कर लिया था लेकिन अब एक बार फिर अनिल अग्रवाल में कॉन्फिडेंस दिखाई दे रहा है और पीयूष गोयल पूरी मजबूत के साथ उनकी पेरोकारी कर रहे हैं। वहीं मौजूदा सांसद जनरल वीके सिंह का कॉन्फिडेंस जो २०१४ में था, जो २०१९ में था वही मजबूत कॉन्फिडेंस २०२४ में दिखाई दे रहा है। मतलब साफ है पूरी तरह से कॉन्फिडेंस में हैं कि टिकट उन्हीं का है। युग करवट भी पहले लिख चुका है कि टाइगर आ गया है। वहीं मेरठ लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल का टिकट खतरे में बताया जा रहा है। मेरठ सीट से कई मजबूत नाम चल रहे हैं। सूत्रों पर भरोसा करें तो रामायण में भगवान श्री राम का रोल करने वाले अरुण गोविल के नाम पर पार्टी हाईकमान गंभीरता से विचार कर रही है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता मयंक गोयल का नाम भी मेरठ सीट के लिए गंभीरता से कार्यकर्ताओं में चल रहा है। दरअसल मयंक गोयल बहुत ही जुझारू और मेहनती नेता हैं। वो हर चुनाव में जो जिम्मेदारी उन्हें मिलती है वो पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं यदि पार्टी हाईकमान ने उन्हें मेरठ सीट से मौका दिया तो वो सुबह दस बजे ही चुनाव जीत जाएंगे। बहरहाल, सभी दावेदारों में मजबूत कॉन्फिडेंस है। जय हिंद