आशित त्यागी
गाजियाबाद। पहले चरण के चुनाव के लिए कल से नामांकन शुरू हो जाएंगे। सभी दलों में प्रत्याशियों की लिस्ट फाइनल करने के लिए माथा पच्ची चल रही है। गठबंधन वाले दलों ने सीट का बंटवारा तो लगभग कर लिया है। अब उम्मीदवारों पर मंथन चल रहा है। टिकट की चाह रखने वाले नेताओं ने अब अपने राजनीतिक आकाओं को छोडक़र भगवान की शरण ले ली है। ज्यादातर नेता मान चुके हैं कि अब टिकट मिलना या ना मिलना मुकद्दर के हाथ में है। गाजियाबाद की सबसे बड़ी सीट से दोबारा टिकट की चाह रखने वाले नेता तो पूरी तरह से भगवान की शरण में हैं। आस्तिक तो ये पहले से ही हैं अब पूजा पाठ बढ़ा दिया गया है। वह अपने समर्थकों से कह रहे हैं कि लखनऊ, दिल्ली से जो होना था हो चुका अब तो किस्मत का खेल है। जिसके भाग्य में होगा वही टिकट ले आएगा। दिल्ली की सीमा से सटी गाजियाबाद की दूसरी सीट से भाजपा से ही टिकट मांग रहे नेता ने साधु संतों के चरण पखारने शुरू कर दिए हैं। वह हरिद्वार से लेकर हिमाचल प्रदेश तक के आश्रमों में आर्शिवाद मांग रहे हैं। भाजपा के ही एक और नेता हैं जो शहरी सीट से फिर से टिकट चाहते हैं उनका विश्वास ज्योतिषों पर अधिक है। टीवी पर अक्सर नजर आने वाली एक महिला ज्योतिष के घर के बाहर गाजियाबाद के नेता की गाड़ी कई बार देखी गई है। कुछ नेता ऐसे हैं जो भगवान दूधेश्वर नाथ की शरण में हैं। अपना वीआईपी कल्चर त्याग कर नेता आम आदमी की तरह दूधेश्वर नाथ मंदिर की लाइन में लगते हैं और अपनी बारी आने पर जलाभिषेक करते हैं। टिकट मांगने वाले नेताओं में एक बात कॉमन है कि बेशक सब कुछ मुकद्दर पर छोड़ चुके हों मगर विश्वास में किसी के कमी नहीं हैं सभी आत्मविश्वास से लबरेज हैं।