युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। महाराष्टï्र के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को आज दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा। हाईकोर्ट ने मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के बाहर एक वाहन में बम लगाने के मामले में वाजे के खिलाफ यूएपीए के तहत केस चलाने को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी। वाजे ने एंटीलिया मामले में अपने खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां निवारक कानून के तहत केस दायर करने को चुनौती दी थी। जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस अनीश दयाल की पीठ ने कहा कि यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार से बाहर है। केंद्र ने वाजे की याचिका का इस आधार पर विरोध किया था कि वह दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा स्वीकार करने योग्य नहीं है। यह बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की जाना चाहिए, क्योंकि यह पूरा मामला मुंबई में हुआ है। वहीं, याचिकाकर्ता सचिन वाजे ने दावा किया था कि यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र का है, क्योंकि उनके खिलाफ यूएपीए के तहत केस चलाने की मंजूरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी की है और यह राष्टï्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित है। वाजे ने याचिका वकील चैतन्य शर्मा के माध्यम से दायर की थी। इसमें उनके खिलाफ आतंकवादी रोधी कानून यूएपीए की धारा 15 (1) को खत्म करने की मांग की गई थी। इसमें दावा किया गया था कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। वाजे ने याचिका में केंद्र द्वारा उनके खिलाफ इस कानून के तहत केस चलाने के 2 सितंबर, 2021 के आदेश को रद्द करने और उन्हें राहत देने की मांग की थी। गृह मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित निवास के पास विस्फोटकों से भरा एसयूवी खड़ा करने और कारोबारी हिरेन मनसुख की हत्या के मामले में वाजे के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी।