नई पीड़ी २५ जून को कभी नहीं भूल सकती : मोदी
नई दिल्ली (युग करवट)। 18 वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत आज हो गई है। सत्र की शुरुआत से पहले प्रोटेम स्पीकर के पद पर नियुक्त किए गए सदन के वरिष्ठ सदस्य भर्तृहरि महताब को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शपथ दिलाई।
संसद सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रोटेम स्पीकर ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी को शपथ दिलाई। फिर चेयर के सहयोगी सांसदों को शपथ दिलाई गई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद ने सांसद पद की शपथ ली। संसद का ये सत्र तीन जुलाई तक चलेगा। शपथ लेने के दौरान विपक्ष के काफी हंगामा किया और नीट मामले के नारे लगाए। वहीं 18वीं लोकसभा के पहले सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में आज का दिन गौरव मय है, यह वैभव का दिन है। आजादी के बाद पहली बार नए संसद भवन में यह शपथ हो रही है। आज के इस महत्वपूर्ण दिन पर मैं सभी नव निर्वाचित सांसदों का स्वागत करता हूं सबका अभिनंदन करता हूं और सबको शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री ने आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल 25 जून है। 25 जून को भारत के लोकतंत्र पर लगे उस कलंक के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह से नकार दिया गया था, संविधान के हर हिस्से की धज्जियां उड़ा दी गई थीं, देश को जेलखाना बना दिया गया था, लोकतंत्र को पूरी तरह दबा दिया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि संसद का ये गठन भारत के सामान्य मानवी के संकल्पों की पूर्ति का है। नए उमंग, नए उत्साह के साथ नई गति, नई ऊंचाई प्राप्त करने का ये अवसर है। 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य लेकर आज 18वीं लोकसभा का प्रारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमने हमेशा एक परंपरा का पालन करने का प्रयास किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को विपक्ष से अच्छे कदमों की उम्मीद है, लेकिन अब तक यह निराशाजनक रहा है। उम्मीद है कि वह अपनी भूमिका निभाएगा और लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि भारत को एक जिम्मेदार विपक्ष की जरूरत है और लोग नारे नहीं, बल्कि सार्थकता चाहते हैं। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वे संसद में चर्चा और परिश्रम चाहते हैं, व्यवधान नहीं।