युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा में सांसद कुंवर दानिश अली ने परिवार न्यायालय विधेयक 2022 पर चर्चा के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की बेंच एवं हापुड़ में जिला न्यायालय की बिल्डिंग की बनवाने की मांग की।
चर्चा के दौरान उन्होंने कहा के मूल रूप से परिवार न्यायालय में जो मामलें जाते हैं, वे ज्यादातर समझौता के लिए जाते हैं। वहां आने से पहले परामर्श के जरिए काउन्सलर्स पति पत्नी के बीच सुलह कराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा के आज हम यहां इस विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य इस बात की है, जहां हम समझौता के लिए कोशिश कर रहे हैं, वहां हमें अपने गिरेहबान में झांक कर देखना चाहिए।
समझौता तो आप हाउस में भी नहीं कर पा रहे हैं। यहां पर विपक्ष की कुर्सियां खाली हैं, अगर यह परामर्श, समझौता, अच्छी नीयत और सबको साथ लेकर इस बिल को पास कराते और इस में सभी के सुझाव आते तो बहुत ज्यादा अच्छा रहता। विपक्षी सांसदों को सदन से इस पूरे सत्र तक निलंबन के मुद्दे पर कहा कि हर सदस्य का अधिकार है कि वह चर्चा की मांग करें, सरकार को इस से पीछे नहीं हटना चाहिए। अगर विपक्ष महंगाई पर चर्चा की मांग कर रहा है तो उनको सुनना चाहिए, निलंबन वापस लेना चाहिए और निलंबित सदस्यों को वापस सदन में आने की अनुमति दी जाए।
दानिश अली ने कहा कि अमरोहा लोक सभा क्षेत्र में हापुड जिला आता है और 40 प्रतिशत क्षेत्र हापुड़ जिले में है। उन्होनें कानून मंत्री से कहा कि वर्ष 2011 में हापुड़ जिला बना, लेकिन आज तक जिला नयायालय के लिए वहां बिल्डिंग नहीं है। जिला नयायालय पांच जगहों पर चल रहा है। वहां 32 एकड़ जमीन अधिग्रहण हो चुकी है। लेकिन पैसा सरकार नहीं दे रही है। हापुड़ जिले में जिला नयायालय बनाने के लिए सरकार से ही सरकार को जमीन खरीदनी है, लेकिन सरकार जमीन के लिए पैसा नहीं दे रही है। यह कहां का न्याय है। उन्होनें सरकार से मांग की है कि हापुड़ जिले में जिला न्यायालय की नई बिल्डिंग बनाने में जो बाधाएं आ रही हैं, उन बाधाओं को उत्तर प्रदेश सरकार से मिलकर इसे जल्द से जल्द दूर कराएं।