नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ भगवान श्री जगन्नाथ नगर भ्रमण को निकले तो उनके साथ सैंकड़ों भक्त हरे कृष्णा-हरे रामा की धुन पर नाचते गाते और उनके रथ का रस्सा खींचते नजर आए। अवसर था राजनगर इस्कॉन मंदिर द्वारा श्री जगन्नाथ रथयात्रा का, जिसका भव्य आयोजन रथयात्रा महोत्सव के रूप में किया गया। जिस मार्ग से रथयात्रा निकली, वहां भक्तों ने फूल बरसा कर श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम का भव्य स्वागत किया। इस दौरान रथ का रस्सा खींचने के लिए भक्तों में होड़ लगी रही।
रथयात्रा का शुभारंभ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेन्द्र कश्यप ने रईसपुर मोड़ से किया। इससे पूर्व राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप, मेयर आशा शर्मा, भाजपा नेता पवन गोयल, समाजसेवी मुख्य सरंक्षक संजीव गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णवीर चौधरी, युग करवट अखबार के प्रधान संपादक सलामत मियां सहित अन्य गणमान्य लोगों ने रथयात्रा मार्ग को सोने की झाडू से साफ किया।
यह यात्रा रईसपुर मोड़ से शुरू होकर एम-ब्लॉक गौरीशंकर मंदिर, मानसी विहार, एफ-ब्लॉक, हनुमान मंदिर, टैम्पो स्टैंड, मधुबन पैलेस नागर चौक, लक्ष्मीबाई चौक, एएलटी रोड, वरदान चौक, राजनगर सेक्टर-१० से होते हुए राजनगर में इस्कॉन मंदिर पर जाकर सम्पन्न हुई। जगह-जगह रथयात्रा पर फूलों की वर्षा कर भक्तों ने स्वागत किया। रथयात्रा मार्ग पर भक्तों ने श्री जगन्नाथ के स्वागत में अपने घरों को भी सजाया। भगवान को यात्रा के दौरान ५६ व्यंजनों का भोग भी लगाया गया। मंदिर के अध्यक्ष आदिकर्ता दास प्रभु ने रथयात्रा का महत्व बताते हुए कहा कि यह रथ यात्रा पौराणिक काल से चली आ रही है। पदम पुराण में भी कहा गया है कि गणना नहीं की जा सकती कि यह यात्रा कब से चल रही है।
उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ को स्नान करवाया जाता है, जिस कारण वह बीमार पड़ जाते हैं और 14 दिन तक उनको दवाई के रूप में आयुर्वेदिक औषधि से बनाया हुआ काढ़ा प्रदान किया जाता है। 14 दिन बाद भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपनी प्रजा में भ्रमण के लिए निकलते हैं, उसी दिन भगवान की रथ यात्रा निकाली जाती है। आदिकर्ता दास ने बताया कि भगवान ने अपने जीवन में तीन यात्राएं कीं। प्रथम वृंदावन से मथुरा, द्वितीय कुरुक्षेत्र से वृंदावन और तृतीय यात्रा उन्होंने द्वारका पुरी की थी, जिसे आज तक निभाया जा रहा है। यात्रा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। रथयात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, जिसकी कमान एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, सीओ सिटी अवनीश कुमार और मधुबन बापूधाम थाना अध्यक्ष मुनेश कुमार ने स्वयं उपस्थित होकर संभाल रखी थी। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधक सुरेश्वर दास, समाजसेवी बीके शर्मा हनुमान, परमार्थ समिति के चेयरमैन वीके अग्रवाल, गौरव गर्ग, मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल, प्रबल गर्ग, वंदना चौधरी, रमेश चौधरी, देवेन्द्र यादव, विष्णुदीप गर्ग, मनोज चौधरी, पार्षद लोकेश सिंघल, डॉ. नीरज गर्ग और सिद्घार्थ कश्यप आदि मौजूद रहे।