युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के आंकड़ों को लेकर शुरू से ही स्वास्थ्य विभाग आंकड़े छिपाने के खेल में जुटा हुआ है। जिले में १५ दिन पहले संक्रमण के हालात कुछ और थे लेकिन अब हालात बिल्कुल विपरीत हैं। पहले जहां हर दिन एक हजार से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे थे वहीं अब यह संख्या घटकर महज तीन सौ ही रह गई है।
ऐसा विभाग के पास कौन सा चमत्कार है जो महज १५ दिन में ही जिले की तस्वीर बदल गई। पहले जहां संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ था वहीं अब सब शांत है। ना अस्पतालों में बिस्तरों की किल्लत है और ना मरीजों को ऑक्सीजन की अधिक जरूरत पड़ रही है। आंकड़ों की बाजीगरी ने जिले में एकदम से बढ़े संक्रमण को बिल्कुल खत्म करने की कगार पर ला दिया है। रिकवरी रेट भी अच्छा खासा बढ़ गया है। विभाग के आंकड़ों की पोल शुक्रवार को जारी हुई कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट ने खोल दी। शुक्रवार को पहले शासन से जारी रिपोर्ट में प्रदेश में सबसे अधिक संक्रमित मामले गाजियाबाद जिले में दिखाए गए। जिले में १००३ मरीज संक्रमित दिखाए गए जो सबसे अधिक थे। लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस मामले पर अपनी सफाई रखते हुए जिले में बीते २४ घंटे में संक्रमण के २३३ मामले ही बताए। विभागीय अधिकारियों की बात अगर सही भी है तो जो पेडिंग मामले दिखाए गए हैं, उनकी लिस्टिंग कहां होगी। जिन मरीजों की रिपोर्ट देरी से आई, उन्हें किस सूची में शामिल किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो विभाग वर्तमान में सिर्फ सरकारी लैब्स में होने वाली जांच का आंकड़ा ही जारी कर रहा है जिसमें प्राइवेट लैब्स के आंकड़ों को शामिल नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से जिले की सही स्थिति सामने नहीं आ रही है। विभाग का पूरा जोर संक्रमण की रोकथाम से कहीं अधिक आंकड़ों को कम से कम करके दिखाने में लगा हुआ है।