युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के अधिकतर श्मशान घाटों में लगातार आ रहे अंतिम संस्कार के लिए शवों के कारण व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। यहां तक कि लोगों को अंतिम संस्कार के लिए लकडिय़ां तक नहीं मिल पा रही हैं। इसकी वजह से अब लोग खुद बाज़ारों में जाकर लकडिय़ां खरीद रहे हैं। शहर के डासना गेट, घंटाघर स्थित जहां लकडिय़ों की दुकानें हैं, वहां आमतौर पर लोग भट्टियों या घरों में इस्तेमाल करने के लिए लकड़ी खरीदने आते हैं लेकिन जिले में जैसे-जैसे मौतों का सिलसिला बढ़ रहा है और श्मशान घाट में लकडिय़ों की किल्लत हो रही है, उसे देखते हुए अब परिजन खुद से ही बाज़ारों से लकडिय़ां खरीद कर अंतिम संस्कार करने के लिए पहुंच रहे हैं।
श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए लंबी वेटिंग हैं, उस पर अन्य सामान की व्यवस्था न होने से परिजनों को और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब परिजन जल्द से जल्द अंतिम संस्कार हो सके, इसके लिए खुद से ही सारी व्यवस्थाएं करके पहुंच रहे हैं। बता दें कि जिले के श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी वेटिंग है। एक के बाद एक प्लेटफॉर्म पर यहां दाह संस्कार हो रहे हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार के सामान की किल्लत का भी सामना लोगों को करना पड़ रहा है। बड़े पैमाने पर ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली लकडिय़ां अब श्मशान घाट पर पहुंच रही हैं। डिमांड को देखते हुए लकड़ी विक्रेताओं ने भी दामों में इजाफा कर दिया है लेकिन लोग महंगे दामों पर भी लकडिय़ां खरीदकर अपनों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं।