युग करवट संवाददाता
नोएडा। सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के शिलापट्ट पर कालीख पोतकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक तेजपाल नागर आदि का नाम मिटाने के मामले में शुक्रवार को थाना दादरी पुलिस ने मोहित नागर तथा प्रशांत भाटी नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) अभिषेक ने बताया कि इस मामले में आरोपी अन्य लोगों की पुलिस गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को पुलिस ने इस मामले में दीपक तथा विक्रांत नामक दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
इस मामले में गुर्जर विद्या सभा के सचिव रामचंद्र वर्मा ने करीब 150 लोगों के खिलाफ थाना दादरी में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में आरोपी सपा नेता श्याम सिंह भाटी कल से लापता है। उन्हें पुलिस ने लखनऊ में गिरफ्तार करने का प्रयास किया था, लेकिन वह मौके से भाग गए थे। इस बाबत श्याम सिंह कि भाटी की पत्नी एडवोकेट सीमा भाटी ने ट्वीट कर अपने पति की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि दादरी पुलिस उनके साथ कोई अनहोनी कर सकती है।
मालूम हो कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर को दादरी के मीहीर भोज डिग्री कॉलेज में किया था। सम्राट मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर शब्द लिखने को लेकर राजपूत व गुर्जर बिरादरी में ठन गई थी। गुर्जर बिरादरी के लोग सम्राट मिहिर भोज को अपना वंशज बता रहे हैं, जबकि राजपूत बिरादरी के लोग उन्हें अपना वंशज बता रहे हैं। इसी बाद-विवाद के बीच भाजपा के राज्य सभा सांसद सुरेंद्र नागर में 28 सितंबर को सुबह पहुंचकर मूर्ति के आगे गुर्जर शब्द लिख दिया, लेकिन गुर्जर समुदाय के लोग इस बात से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने मूर्ति को गंगाजल से नहलवाया तथा कुछ लोगों ने मूर्ति के शिलापट्ट पर लगे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा सांसद सुरेंद्र नागर तथा भाजपा विधायक तेजपाल नागर के नाम को कालिख पोतकर मिटा दिया।