युग करवट संवाददता
नोएडा। सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के शिलापट्ट पर कालिख पोत कर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक तेजपाल नागर आदि का नाम मिटाने के मामले में पुलिस ने बुधवार को 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम दीपक तथा विक्रांत है। इस मामले में गुर्जर विद्या सभा के सचिव रामचंद्र वर्मा ने करीब 150 लोगों के खिलाफ थाना दादरी में विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। इस वीडियो में समाजवादी पार्टी के नेता श्याम सिंह भाटी व उनके समर्थक नजर आ रहे हैं। अपर पुलिस उपायुक्त विशाल पांडे ने बताया कि दादरी के मिहिर भोज कॉलेज में 22 सितंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया था। गुर्जर तथा राजपूत बिरादरी के लोग इस मामले में यह दावा कर रहे हैं, कि सम्राट मिहिर भोज उनके बिरादरी के थे।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को गुर्जर समुदाय के कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री द्वारा अनावरण की गई मूर्ति के शिलापट््ट के ऊपर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक तेजपाल गुर्जर आदि के नाम पर कालिख पोत कर उनके नाम मिटा दिया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि शिलापट्ट पर लगे नामों के ऊपर कालीख पोतकर कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में धारा 153, धारा 3, धारा 6 स्पेशल पावर एक्ट, 427, 269, 270, 271, आईपीसी धारा तीन महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। अपर उपायुक्त ने बताया कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा की सुरक्षा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
वहीं गुर्जर विद्या सभा के अध्यक्ष राधाचरण भाटी का कहना है कि भाजपा के कुछ नेताओं ने कॉलेज के कार्यक्रम का दबाव बनाकर अपने हाथ में ले लिया था। इस कारण गुर्जर शब्द हटाने की घटना हुई। उन्होंने इस संबंध में वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री से सिलापट्ट पर गुर्जर शब्द लिखने की अपील की थी।