युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद में हाल ही में प्रशासन ने बडे पैमाने पर भूमाफियाओं से सरकारी जमीन छुडवाई थी। लेकिन इसके बाद भी जिले में सरकारी जमीनों पर बडे पैमाने पर भूमाफियाओं की नजरें सरकारी जमीनों पर लगी रहती हैं। इतना ही नहीं अतिक्रमण की सबसे अधिक शिकायतें भी सबसे अधिक इस जिले हैं। मेरठ मंडल में सबसे अधिक भूमाफिया गाजियाबाद में सक्रिय हंै, इसका खुलासा सरकारी रिपोर्ट से होता है। गाजियाबाद में आठ हजार १७९ सरकारी जमीन कब्जाने और अतिक्रमण की शिकायतें अधिकारियो ंको मिली थी। इनमें से जांच में ३४५ शिकायतें गलत पाई गईं।
इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई कर ५१८८ शिकायतों का निस्तारण किया। इतना ही नहीं सरकारी जमीन कब्जाने को लेकर २५७० मामले न्यायालय में विचाराधीन भी हैं। इसके बाद दूसरा नम्बर बुलंदशहर का आता है जहां सरकारी जमीन पर कब्जे की ५९५६ शिकायतें मिली हैं इनमें से ४३२ शिकायतें जांच में फर्जी पाई गई। स्थानीय प्रशासन ने ४५२० शिकायतों का निस्तारण करते हुए बडे क्षेत्रफल को छुड़वाया गया। तीसरे नम्बर मंडल का मेरठ जिला आता है यहां भी भूमाफियाओं के खिलाफ ४१७० शिकायतें दर्ज कराई गई जिसमें से ६६ फर्जी मिली थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की और ३९४८ शिकायतों का निस्तारण भी कराया। हालांकि जहां गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर में सबसे अधिक भूमाफियाओं की श्किायतें दर्ज हुई हैं वहीं इसके मुकाबले हापुड, गौतमबुद्घनगर और बागपत में सबसे कम मामले जमीन कब्जाने के दर्ज हुए हैं। गौतमबुद्घनगर में २६ शिकायतें, हापुड में १३ और बागपत में ३८५ ऐसी शिकायतें दर्ज हुई हैं जहां भूमाफियाओं ने कब्जा किया हुआ है। गौतमबुद्घ नगर में १३, हापुड में ३ और बागपत में ३०९ मामलो में कार्रवाई कर प्रशासन ने सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया है।