प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। अवस्थापना निधि के बकाया फंड को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई पर प्रदेश के सभी नगर निगमों और प्राधिकरण के अधिकारियों की नजर लगी हुई है। इस मामले में एक जनहित याचिका पार्षद हिमांशु मित्तल पार्षद की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई है। इस रिट पर सुनवाई के लिए पहले एक बैंच सुनवाई कर रही थी। अब पता चला कि इसकी सुनवाई अब स्वयं चीफ जस्टिस कर रहे हैं। सुनवाई की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के एक अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा इलाबाहाद में ही हैं और वह सुनवाई में भी शामिल रहेंगे। साथ ही प्रदेश सरकार के भी कई लीगल अधिकारी इस सुनवाई को लेकर गंभीर दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों की एक टीम हाईकोर्ट में ही मौजूद रहेगी। शासन भी इस मामले को लेकर काफी एक्टिव नजर आ रहा है। सरकार को लगता है कि अगर उन्हें अवस्थापना निधि का पैसा देना पड़ा तो खजाने से कई हजार करोड़ रुपये निकलेंगे। इस मामले में शासन की ओर से नगर निगम गाजियाबाद को भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। इसके अलावा कई विकास प्राधिकरणों की ओर से भी शासन ने रिपोर्ट मांगी है। अब देखना है कि हाईकोर्ट के फैसले पर नजर है। चीफ जस्टिस अवकाश पर हैं तो ऐसे में यह भी हो सकता है कि सुनवाई के लिए अगली तारीख लग जाए।