वाराणसी। ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में कमीशन की कार्यवाही अपने निर्धारित वक्त से हुई। वाराणसी में ज्ञानवापी परिषद से लगभग एक किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग करके सभी को रोक दिया गया। पुलिस ने गोदौलिया और मैदागिन से आने वाले सारे वाहनों को परिसर की ओर आने से रोक दिया। वहीं बाबा दरबार में आने वालों की भी कड़ी जांच पड़ताल की गई। पहले दिन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे पूरी हो गई। अब शेष कार्यवाही कल रविवार को पूरी की जाएगी।
सुबह आठ बजे तक अमूमन पूरी टीम परिसर में दाखिल हो चुकी थी। जबकि टीम में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों की टीम की भी सुबह नौ बजे तक परिसर में आमद हो चुकी थी। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से एक- एक क्षेत्र का सर्वे शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद में तहखाना खोल दिया गया है, उसमें एक जहरीला सांप भी मिला जिसे पकडऩे के लिए वन विभाग और सपेरों से भी संपर्क किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार एडवोकेट कमिश्नर समेत वादी-प्रतिवादी पक्ष के कुल 52 सदस्यों ने मस्जिद परिसर में प्रवेश किया। वहीं सुरक्षा कारणों से टीम के सभी लोगों का मस्जिद में प्रवेश से पहले ही मोबाइल बाहर ही सुरक्षा टीम द्वारा जमा करा लिया गया।
अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता रईस अहमद ने कहा कि कमीशन की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में आंशिक रुप से संपन्न हुई है। वादी पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी व सुभाष नंदन चतुर्वेदी का कहना है कि सभी पक्षों का भरपूर सहयोग मिला। किसी पक्ष ने कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में टीम ने मस्जिद परिसर की दीवारों को और बनावट की शैली को भी करीब से निहारा और साक्ष्यों को कैमरे में कैद किया। भीतर की बनावट और पुरातन शैली को भी टीम ने देखा, परखा और साक्ष्यों का संकलन किया।