गाजियाबाद (युग करवरट)। शहर में लगे फुट ओवर ब्रिज को लेकर पहले से ही नगर निगम कटघरे में खड़ा है। अब एक और नया मामला सामने आया है, जिसमें पता चला है कि शमशान घाट के पास जीटी रोड पर एक और एफओबी बनाकर खड़ा कर दिया गया। इस एफओबी को यहां क्यों बनाया गया और इसकी इजाजत कंपनी किससे ली है, इसकी कोई खबर नहीं है। इस मामले में नगर निगम के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए है, इससे भी सवाल खड़ा हो रहा है। दरअसल शहर में जितने भी एफओबी बनाए गए हैं उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है और उन पर चढऩे के लिए कहीं भी लिफ्ट नहीं लगाई है। ऐसे में कंपनियों को नगर निगम कंप्लीशन जारी नहीं कर रहा है। तीस वर्ष की बीओटी बेस पर इन एफओबी को लगाया गया है। अब एक बार फिर से एफओबी को लेकर सवाल खड़े हो गए है। जब आशा शर्मा मेयर बनी थीं तब उन्होंने भी इस प्रकरण को लेकर सभी एफओबी की पत्रावली तलब की थी, लेकिन इसे लेकर क्या हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं। इतना जरूर है कि मेयर आशा शर्मा की मशक्कत के कारण किसी भी एफओबी पर कोई लिफ्ट नहीं लगी। अब सभी एफओबी से कंपनी मोटी कमाई तो कर रही हैं, मगर इससे आम लोगों को कोई फायदा नहीं हो रहा है।