नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड की युग करवट से खास बातचीत
प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट) गुजरात के सूरत मॉडल पर अब शहर में आम आदमी के लिए स्मार्ट सुविधाएं डिवेलप की जाएगी। आधुनिक सुविधाओं को डिजाइन करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम में भी अब अर्बन डिजाइनर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम सूरत मॉडल पर अपनी इनकम बढ़ाने के लिए टैक्स वसूली का स्टृैक्चर री-डिजाइन करेगा। यह कहना नगर आयुक्त डॉ0 नितिन गौड़ का है। दरअसल यूपी के सभी 17 नगर निगमों की इनकम बढ़ाने और वहां की जनता के लिए आधुनिक तौर तरीके से सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक से पांच अगस्त तक सूरत में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में गाजियाबाद से मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ शरीक हुए। मेयर केवल दो दिन ही कार्यशाला में रही। हाल ही में नगर आयुक्त रविवार को सूरत कार्यशाला शड्यूल पूरा कर लौटे है।
-एडवांस सॉलिडवेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर-नगर आयुक्त के मुताबिक कार्यशाला में समझाया गया कि कैसे सॉलिवेस्ट मैनेजमेंट को जरूरत के हिसाब से एडवांस डिजाइन किया जाए। ताकी कूड़े का शतप्रतिशत निस्ताण हो सके। यूपी के सभी महानगरों में कूड़े के निस्तारण की समस्या है। गाजियाबाद में भी कूड़े के निस्तारण के लिए प्राइवेट कंपनी की मदद ली जा रही है। कार्यशाला में बताया गया कि इसमें आधुनिक तकनीकी बेस एडवांस प्लानिंग करनी होगी। ताकी शहर को सॉलिडवेस्ट फ्री किया जा सके।
-अर्बन डिजाइनर की तैनाती-कार्यशाला में बताया गया कि वॉटर सप्लाई, डे्रनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, डस्ट फ्री सिटी, रोड स्ट्रैक्चर जनसंख्या बढऩे के साथ कैसे आधुनिक और प्लानिंग से तैयार हो इसके लिए अलग से हर नगर निगम में अर्बन डिजाइनर तैनात होना चाहिए। इसके कार्यशाला के बाद नगर विकास विभाग प्रत्येक निगम में अलग से डिजाइनर तैनात करेगा। ताकी आम आदमी की सुविधाओं में गुणात्मक सुधार हो सके।
-आत्म निर्भर निगम-सूरत में नगर निगम को यह भी फार्मूला बतया गया कि कैसे नगर निगम आर्थिक तौर पर आत्म निर्भर हो। सूरत में केवल हाउस टैक्स से इनकम 450 करोड़ है। गाजियाबाद नगर निगम में टैक्स से इनकम पिछले वित्तीय वर्ष में 206 करोड रही। सूरत में नयूनतम टैक्स 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर एआरवी के आधार पर है। गाजियाबाद में यह औसत केवल एक रूपया प्रति वर्ग मीटर एआरवी है। अब नगर निगम अपने टैक्स स्टै्रक्चर में भी गुणवत्मक सुधार लाने के लिए प्लान करेगा। ताकी टैक्स से इनकम 400 करोड़ प्रति वर्ष से उपर पहुंंच सके।
-स्टाफ की कमी दूर होगी ऑउसोर्सिंग से-कार्यशाला में यूपी के नगर निगमों में स्टाफ की कमी की भी बात आई। पता चला कि सूरत में 228 इंजीनियर है। गाजियाबाद नगर निगम में केल 16 इंजीनियर है। जबकि गाजियाबाद की आबादी करीब 28 लाख है। कार्यशाला में सुझाव आया कि निगम को आउट सॉर्स के जरिए इंजीनियरों की भर्ती करनी चाहिए। ताकी बेहत्तर सुविधा होगी तब ही लोग टैक्स बढ़ाकर दे सकेंगे।