युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। ऐसे वक्त जब कोरोना महामारी से लोगों की असमय मौत हो रही है, प्रदेश सरकार ने शराब के ठेके को खोलने का फैसला लिया है। इस फैसले का गाजियाबाद के व्यापारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि एक ओर जहां कोविड-19 की दूसरी लहर से हर ओर तबाही मची है, वहीं सरकार को सिर्फ अपने राजस्व की चिंता हैै। सरकार को लोगों की जान और व्यापारियों को हो रही मुश्किलों से कोई लेनादेना नहीं है। सरकार के इस फैसले के विरोध में सिहानी गेट व्यापार मंडल ने मंगलवार को बाजार खोलने का ऐलान कर दिया था। सिहानी गेट व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुराग गर्ग का कहना है कि शराब के ठेकों को खोलने का फैसला अनुचित है। सरकार को लोगों की जान की परवाह नहीं है।
एक ओर तो कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है, जिससे कारोबार पूरी तरह ठप हो गया वहीं दूसरी ओर अपना राजस्व बढ़ाने के लिए शराब के ठेकों को खोल दिया गया है।
सिहानी गेट व्यापार मंडल ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ मंगलवार 11 बजे से बाजार खोलने का ऐलान कर दिया था। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, पुलिस ने अनुराग गर्ग को थाने में नजरबंद कर दिया। आज सुबह आठ बजे पुलिस अनुराग गर्ग के आवास पर पहुंची और उन्हें उठाकर सिहानी गेट थाने ले आई। सूचना मिलने पर दूसरे व्यापारी नेता भी मौके पर पहुंच गए। थाने में अनुराग गर्ग से अपनी बात डीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से पत्र के माध्यम से कहने को कहा गया। अनुराग गर्ग ने बताया कि उन्होंने डीएम और एडीएम सिटी को पत्र लिखकर शराब के ठेकों की तरह बाजारों को भी खोलने की इजाजत मांगी है। करीब डेढ़ घंटे तक थाने में बिठाए रखने के बाद अनुराग गर्ग को घर जाने दिया गया। अनुराग गर्ग ने बताया कि उन्होंने प्रशासन से दो दिनों के भीतर फैसला लेने की अपील की। अगर दो दिनों के भीतर इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो सिहानी गेट बाजार को गुरुवार 11 बजे के बाद से खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी इस बात को कतई स्वीकार नहीं करेंगे कि शराब के ठेके खुली रहे और बाजार बंद रहे।