युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लॉकडाउन के दौरान एक बार फिर शराब की दुकानें खुलने पर शराब के शौकीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं सोशल डिस्टेंस तो कहीं लोग भारी भीड़ में ही शराब खरीदते दिखाई दिए। कोरोना काल में शराब खरीदने पहुंचे लोगों ने इसको लेकर अपना-अपना तर्क भी बताया। कोरोना संक्रमण के चलते यूपी में १७ मई तक लॉकडाउन लगाया गया है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह से लॉकडाउन जारी है। ऐसे में सिर्फ आवश्यक सेवाओं की दुकानें ही खोलने की छूट दी गई थी लेकिन अन्य बाज़ारों के साथ ही शराब की दुकानें भी इस दौरान बंद कर दी गई हैं जिसकी वजह से शराब के शौकीनों की मुश्किलें बढ़ गईं। राजस्व की भरपाई के लिए यूपी सरकार ने आज से प्रदेश में शराब की दुकानें खोले जाने के निर्देश जारी दिए हैं जिसके चलते मंगलवार को जिले में भी शराब की दुकानें सुबह दस बजे से खुलनी शुरू हो गईं। शराब की दुकानें खुलते ही शौकीनों का दुकानों पर पहुंचना शुरू हो गया। सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ इन दुकानों पर नजऱ आई।यहां तक कि बड़ी संख्या में लोगों ने दुकानें फिर से बंद हो जाने के डर से शराब की पेटी खरीदी तो किसी ने एक साथ कई शराब की बोतलें एक साथ खरीदीं। हालांकि, कई शराब की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का शौकीनों ने जबरदस्त पालन किया तो कहीं दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। मेरठ रोड स्थित शराब की दुकान खुलते ही लोग शराब खरीदने के लिए टूट पड़े। यहां जमकर सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ती दिखीं। लोग एक दूसरे को पीछे धकेलते हुए शराब खरीदने की होड़ में लाइन में लगे हुए दिखाई दिए। यही हाल टीएचए के झंडापुर स्थित शराब की दुकान पर देखने को मिला जहां लोग दुकान खुलने से पहले ही पहुंच गए और नियमों को ताक पर रख दिया। लोग बड़ी संख्या में एक साथ कई-कई बोतलें खरीद कर ले गए। आरडीसी स्थित शराब की दुकानों पर जरूर सोशल डिस्टेंस का पालन होता दिखा। लोग सुबह से ही लाइनों में खड़े होकर शराब लेते हुए दिखाई दिए। सोशल डिस्टेंस के लिए गोले भी बनाए गए थे जिसमें लोग आराम से खड़े हुए अपनी बारी का इंतज़ार करते दिखे। शराब खरीदने पहुंचे लोगों ने इसके पीछे अपने तर्क भी बताए। एक व्यक्ति ने बताया कि लॉकडाउन के कारण खासा तनाव चल रहा है, ऐसे में शराब से तनाव को कम किया जा सकेगा तो एक व्यक्ति ने इसे राजस्व के लिए बेहद जरूरी करार दिया और कहा कि शराब बिकेगी तो राजस्व भी बढ़ेगा, जो अर्थव्यवस्था में काम आएगा। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति ने यहां तक कहा कि कोरोना कहीं नहीं है, यह सब बेवजह का प्रोपेगेंडा फैलाया हुआ है। वजह चाहे कुछ भी हो लेकिन करीब १५ दिन से लगे लॉकडाउन में शराब की दुकान खुलने से शौकीनों ने राहत की सांस ली है। कुछ लोग फिर से दुकानें बंद हो जाने के डर से भी अधिक मात्रा में शराब खरीद रहे हैं। हालांकि, प्रदेश सरकार ने कोविड नियमों के अनुपालन के साथ शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दी है लेकिन काफी दिनों बाद खुली इन दुकानों पर अधिकतर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। वहीं मॉडल शॉप व देसी मदिरा की कैंटीन इस दौरान बंद रहेंगी।