युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निगम की दुकानों का 10 प्रतिशत हर वर्ष और नामांत्रण के लिए तीन लाख रुपये देने के सदन में पास हुए प्रस्ताव को लेकर अब विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को लेकर अब बीजेपी के वरिष्ठ पार्षद अनिल स्वामी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि निगम बोर्ड की बैठक से जो प्रस्ताव पास हुआ है वह गलत है। वह बोर्ड बैठक की जारी होने वाली मिनिट्स को वह चुनौति देंगे। इस मामले में अगर जरूरत पड़ी तो वह प्रकरण में हाईकोर्ट भी जाने को तैयार है।
निगम बोर्ड में ही हाल ही में फैसला लिया गया कि जब से किराया नहंी बढ़ा है तब से 10 प्रतिशत हर वर्ष किराया बढ़ाया जाएगा। नामांत्रण के लिए तीन लाख रूपये की रकम एक साथ भी निगम के आवंटियों को देना होगा। इस बोर्ड की बैठक में अस्वस्थ्य होने के कारण पार्षद अनिल स्वामी मौजूद नहीं थे। उन्होंने एक बयान में बताया कि सदन में जो प्रस्ताव पास हुआ वह व्यापारियों के एक दम खिलाफ है। उनका कहना है कि जब इन दुकानों का आवंटन किया गया उस समय निगम ने नियम शर्त बनाई होगी। उन नियम शर्तों का अवलोकन करने के बाद ही किराया बढ़ाने पर फैसला होना चाहिए था। उन्होंने सदन में भी कई पार्षदों के द्वारा इस मामले में व्यापारियों के हित को नकारने को ठीक नहीं माना।
उन्होंने बताया कि एक्ट में प्रावधान है कि निगम बोर्ड की मिनट्स को शासन में शिकायत कर चुनौति दी जा सकती है। उनका कहना है कि इस मामले में वह पूरी तरह से वह व्यापारियों के साथ है। इस मामले में व्यापारियों के हित में कोर्ट भी जाना पड़े तो जाएंगे।