युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए अलग से महिलाओं के लिए पिंक बूथ बनाए गए थे। लेकिन इन पिंक बूथ पर टीकाकरण के लिए महिलाओं में कोई खास उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। पिंक बूथ पर हर दिन सौ महिलाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन बेहद कम संख्या में महिलाएं बूथ पर पहुंच रही हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीकाकरण अभियान चल रहा है। एसडी कॉलेज व सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष रूप से वैक्सीनेशन बूथ संचालित किया जा रहा है।
जिले में महिलाओं के वैक्सीनेशन के लिए दो पिंक बूथ बनाए गए हैं जिसमें से एक जिला महिला अस्पताल और दूसरा आईटीएस मुरादनगर में संचालित है। वैक्सीनेशन के लिए महिलाओं को प्री-स्लॉट लेना पड़ता है जिसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाई जाती है। लेकिन महिलाओं के लिए बनाए गए इन पिंक बूथ पर बेहद कम संख्या में टीकाकरण हो रहा है। सात जून को इस बूथ पर ४२, आठ जून को ७२ और नौ जून को ६६ महिलाओं का ही वैक्सीनेशन हो पाया है। यानि तीन दिन में अब तक कुल डेढ़ सौ महिलाएं ही टीका लगवाने पहुंची हैं जबकि लक्ष्य के मुताबिकतीन सौ महिलाओं का टीकाकरण होना चाहिए था। डॉ.पवन ने बताया कि पिंक बूथ महिलाओं के लिए विशेष तौर पर बनाए गए थे। लेकिन महिलाओं में पिंक बूथ को लेकर कोई खास उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है जिसकी एक बड़ी वजह यह हो सकती है कि अधिकतर महिलाएं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही वैक्सीनेशन के लिए जाती हैं। ऐेसे में पिंक बूथ पर सिर्फ महिलाओं को ही टीका लगने की वजह से परिवार के अन्य सदस्य इससे वंचित रह जाते हैं। डॉ.पवन ने महिलाओं से अपील की है कि वह अधिक से अधिक संख्या में आकर टीकाकरण कराएं। वहीं एसडी कॉलेज में सरकारी शिक्षकों के लिए भी टीकाकरण बूथ संचालित किया जा रहा है। इस बूथ पर अब तक ५४० शिक्षकों को टीका लगाया जा चुका है। बूथ प्रभारी संगीता सिंह ने बताया कि डीआईओएस कार्यालय से शिक्षकों की सूची प्राप्त हुई है जिसके आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है। अलग-अलग स्कूल्स में विशेष कैंपस आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान बूथ पर सीपी चौधरी व शुभनेश आदि मौजूद रहे।