युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। वेंडरों के लिए गाजियाबाद में वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं ताकि वे वेंडिंग जोन में ही अपनी दुकानें लगा सके। साहिबाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें नगर निगम के तहत आने वाले डूडा की ओर से चलायमान दुकानदार को स्थायी तौर पर खोखा लगाने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है, जबकि अभीतक वहां वेंडिंग जोन का निर्माण नहीं हुआ है। मामला वैशाली सेक्टर-एक का है। यहां नगर निगम की ओर से सोनू नामक एक विक्रेता का स्थिर दुकान लगाने के लिए प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। सोनू ठेली पर नारियल पानी बेचता है, जो चलायमान दुकान की श्रेणी में आता है। सोनू को यह प्रमाण पत्र गाजियाबाद नगर निगम के अधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर युक्त २२ नवंबर को जारी किया गया। इस मामले में स्थानीय पार्षद मनोज गोयल ने नगरायुक्त को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की गुजारिश की है। पत्र में उन्होंने कहा कि शहरी पथ अधिनियम-२०१४ के तहत पथ विके्रता का पंजीकरण किया जाता है। इसके तहत चलायमान स्थिति में कार्य करने की अनुमति दी जाती है। मगर डूडा के अधिकारी इसका दुरुपयोग कर स्थिर रूप में पंजीकृत कर रहे हैं। कुछ जगहों पर बिना वेंडिंग जोन के तीन साल के लिए दुकानों का आवंटन किया जा रहा है। जिसके तहत विके्रता खोखा लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के तहत आने वाले डूडा में यह खेल काफी समय से चल रहा है। डूडा के अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर विके्रताओं को स्थित दुकानों का प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं। उन्होंने मेयर से भी पूरे मामले की जांच करने की गुजारिश की है। वहीं, डूडा के परियोजना निदेशक संजय कुमार ने खोखे के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वेंडिंग जोन बनाने और खोखों के लिए प्रमाण पत्र जारी करने का काम नगर निगम करता है। डूडा की ओर से यह कार्य नहीं किया जाता है। वहीं नगर निगम के जोनल प्रभारी से जब इस बारे में जानकारी हासिल की गई तो उन्होंने कहा कि डूडा की ओर से स्वनिधि योजना के तहत वेंडरों को दुकानों का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।