युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरौली गांव में हुई मथुरापुर निवासी अस्सी वर्षीय वृद्घ हरिया उर्फ हरि सिंह की हत्या के खुलासे से ना केवल खूनी रिश्ते शर्मशार हुए बल्कि नाना-धेवते जैसे अटूट रिश्ते भी तार-तार हो गये। इस खुलासे के दौरान लोनी थाने के एसएचओ ओम प्रकाश सिंह की टीम ने वृद्घ हरिया की हत्या में उसके धेवते का सहयोग करने वाले तीन हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया जबकि अभी मुख्य हत्याभियुक्त मृतक का धेवता दीपक निवासी सिरौली पुलिस की पकड़ में नहीं आया। लेकिन सूत्रों की मानें पुलिस या तो दीपक की गिरफ्तारी के निकट पहुंच चुकी है या फिर वह पुलिस की पकड़ में आने ही वाला है।
उक्त खुलासे के संदर्भ में एसपी देहात डॉक्टर इरज राजा का कहना है कि मथुरापुर निवासी विजयपाल ने लोनी थाने में अपने पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विजयपाल ने बताया था कि उसके पिता का मर्डर उसकी बहन के पुत्र दीपक ने अपने दोस्त रवि आदि के साथ मिलकर किया है। मर्डर क्यों किया गया, इस बारे में मृतक हरिया के पुत्र का कहना था कि कातिल दीपक उसके पिता पर भगोट गांव में खरीदी गई बीस बीघे जमीन में से पांच बीघा जमीन अपने नाम पर करवाने का दबाव बना रहा था। जब उसके पिता ने जमीन नाम करने से मना कर दिया तो वह उनसे रंजिश मानने लगा। तीन मई को उसके पिता अपनी दो पुत्रियों से मिलने सिरोली गांव गये थे।
उसी समय दीपक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने नाना को मौत के घाट उतारने की योजना बना डाली। श्री राजा ने बताया कि अपनी साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए दीपक ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर खेत में ले जाकर पहले तो अपने नाना के साथ मारपीट की और फिर गला घोटकर चारों ने वृद्घ की हत्या कर दी। श्री राजा ने बताया कि एसएचओ ओपी सिंह की टीम ने हरिया की हत्या में शामिल रवि, झबरू उर्फ मंदीप और कपिल को गिरफ्तार कर लिया। श्री राजा ने बताया कि दीपक की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की कई टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।