रोहित शर्मा
गाजियाबाद। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने अगले साल यानि 2022 की शुरूआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए महिला दांव खेल दिया है। विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40 प्रशित सीटें देने की सार्वजनिक घोषणा प्रियंका गांधी की ओर से की गई है। इसके हिसाब से उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से कम से कम 160 सीटें कांग्रेस को महिलाओं के लिए आरक्षित रखनी होंगी। गाजियाबाद की बात की जाए तो इस हिसाब से जनपद की 5 विधानसभा सीटों में से 2 पर कांग्रेस महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारेगी। अब बड़ा सवाल यह है कि गाजियाबाद जनपद की वो दो सीटें कौन सी होंगी जिनपर कांग्रेस की ओर से महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा जाएगा? इस सवाल का जवाब तलाश रहे कांग्रेस के टिकट के दावेदारों के पेट में भी अब दर्द उठने जैसी नौबत आ गई है। बड़ा सवाल यह भी है कि जिन दो सीटों पर कांग्रेस महिलाओं को टिकट देगी, वहां पार्टी की ओर से किन नेत्रियों को चुनाव में उतारने का भरोसा पार्टी की ओर से जताया जाएगा?
जनपद गाजियबाद में कांग्रेस की महिला नेत्रियों की बात की जाए तो तलाश की सुईं एक ही जगह पर जाकर टिक जाती है। पिछले दो चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस में एक ही नाम छाया रहा है। लोकसभा और महापौर के चुनाव में कांग्रेस यहां महिला प्रत्याशी डौली शर्मा पर भरोसा जता चुकी है। हालांकि, दोनों ही चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। पिछले लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस की महिला प्रत्याशी डौली शर्मा को कुल 1,11,944 वोट मिले थे। कांग्रेस की प्रत्याशी को मिले वोटों को यदि विधानसभा चुनाव के हिसाब से विभाजित किया जाए तो उन्हें लोनी में 26,395, मुरादनगर में 16,556, साहिबाबाद में 44,083, गाजियाबाद में 15,562 और आंशिक रूप से गाजियाबाद जनपद में आने वाली धौलाना विधानसभा सीट पर 9,134 वोट मिले थे। दरअसल, गाजियाबाद जनपद में पांच विधानसभा सीटें गाजियाबाद, साहिबाबाद, लोनी, मुरादनगर और लोनी पड़ती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदीनगर विधानसभा सीट बागपत में चली जाती है और धौलाना आंशिक रूप से गाजियाबाद में शामिल हो जाती है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की महिला प्रत्याशी डौली शर्मा को मिले वोटों का गणित निकालकर गुणा-भाग किया जाए तो साहिबाबाद और लोनी में पार्टी प्रत्याशी को अपेक्षाकृत काफी अच्छे खासे वोट मिले थे। हालांकि, साहिबाबाद विधानसभा उत्तर प्रदेश की ही नहीं इस देश की भी सबसे बड़ी विधानसभा बताई जाती है। अब सन् 2017 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो गाजियाबाद जनपद की पांच विधानसभा सीटों में से गाजियाबाद पर कांग्रेस के प्रत्याशी केके शर्मा तीसरे नंबर पर रहे थे। साहिबाबाद विधानसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे अमरपाल शर्मा दूसरे स्थान पर रहे थे। मुरादनगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी दिवंगत सुरेंद्र प्रकाश गोयल भी तीसरे नंबर पर ही आए थे।
पिछले लोकसभा चुनाव में आए परिणाम के हिसाब से गणित लगाया जाए तो साहिबाबाद और लोनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के महिला प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना प्रबल हो जाती है। वैसे भी कांग्रेस जिन महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतार सकती है उनमें से एक डौली शर्मा की संभावनाएं अब बलवती हो चुकी हैं। प्रियंका गांधी जब लखनऊ में प्रेसवार्ता कर महिला विधानसभा चुनाव के टिकटों में 40 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा कर रहीं थीं, डौली शर्मा भी वहां मौजूद थीं। विधानसभा चुनाव के दौर में गाजियाबाद जनपद की पांचों सीटों पर कौन चुनाव लड़ता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव का गणित अपने आप में काफी कुछ कहानी अपनी जुबानी कह रहा है?