प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नामांतरण शुल्क को लेकर पिछले लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। अब निगम विवाद के पटाक्षेप करने की तैयारी में है। नगर निगम बोर्ड की नौ को होने वाली बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव बोर्ड में पेश करने की तैयारी में है।
नामांतरण शुल्क को लेकर काफी पहले से ही विवाद बना हुआ है। पहले नियम था कि अगर किसी को नामांतरण कराना है तो वह निर्धारित शुल्क जमा कर नामांरण करा सकता है। मगर नगर निगम ने अपनी इनकम बढ़ाने के लिए नियमों में बदलाव कर दिया। नए नियम के हिसाब से नगर निगम प्रशासन ने तय किया नामांरण के लिए अब रजिस्ट्री में लगे स्टांप शुल्क का एक प्रतिशत निगम को देना होगा। इसके बाद ही नामांतरण होगा।
इसको लेकर तो कोई आपत्ति नहीं है। विवाद इस बात को लेकर पैदा हो गया है कि नगर निगम ने एक नया रूल बनाया है। यह रूल है कि अगर किसी ने पूर्व में प्रॉपर्टी का नामांरण नहीं कराया है और वह अब कराने जा रहा है। तो पूर्व में हुई रजिस्ट्री जोडक़र नगर निगम में एक प्रतिशत पैसा जमा करना होगा। इसी को लेकर विवाद बना हुआ है। इसी विवाद के चलते अब नगर निगम इस प्रस्ताव को निगम बोर्ड की बैठक में पेश करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अब बोर्ड बैठक में ही फाइनल होगा कि नामांतरण को लेकर क्या किया जाए।