नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया। इसी में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में कृषि कानूनों का बिल लोकसभा में पेश किया जो पास हो गया। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। हालांकि, लोकसभा में जब तोमर बिल पेश कर रहे थे, तब विपक्ष चर्चा की मांग पर हंगामा कर रहा था। इसके बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया। हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही को भी 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्ष कृषि कानूनों पर चर्चा की मांग कर रहा है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि सरकार कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। सरकार का कहना है कि जब प्रधानमंत्री मोदी खुद माफी मांग चुके हैं तो फिर चर्चा किस बात की। कांग्रेस ने एमएसपी की गारंटी पर कानून बनाने और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। कांग्रेस ने तेल की बढ़ती कीमतों पर भी चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया गया है। राज्यसभा में किसानों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और माकपा ने स्थगन प्रस्ताव दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद सत्र से पहले कहा कि संसद का ये सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश आजादी के अमृत महोत्सव मना रहा है। हिंदुस्तान में चारों दिशाओं में से इस आजादी के अमृत महोत्सव के निमित्त रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित के लिए, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक, अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं, कदम उठा रहे हैं और आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे उन सपनों को पूरा करने के लिए सामान्य नागरिक भी इस देश का कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है। ये खबरें अपने आप में भारत के भविष्य के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा, सरकार हर विषय पर खुली चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और आजादी के अमृत महोत्सव में हम ये भी चाहेंगे कि संसद में सवाल भी हो, शांति भी हो। हम चाहते हैं संसद में सरकार के खिलाफ, नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज प्रखर होनी चाहिए हो, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा, इन सबके विषय में हम वो आचरण करें जो आने वाले दिनों में युवा पीढिय़ों के काम आए। संसद का ये सत्र आज से शुरू हो रहा है जो 23 दिसंबर तक चलेगा। करीब महीनेभर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र में सरकार 26 बिल पेश करेगी।