नई दिल्ली। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आज भी शराब से हुई मौतों को लेकर जोरदार हंगामा जारी रहा। इस दौरान डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के सदन में बोलते ही विपक्षी विधायकों ने बिहार विधानसभा में कुर्सियां पटक कर हंगामा किया। जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई।
बिहार के सारण में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 57 हो चुकी है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा उठाया था। हालांकि, इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में अपना आपा खो दिया था। जब विपक्ष के विजय कुमार सिन्हा ने छपरा में जहरीली शराब के कारण हुई मौतों के मद्देनजर राज्य सरकार के शराबबंदी पर सवाल उठाया। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार अपना आपा खो बैठे और विपक्ष के नेता से कहा कि क्या हो गया तुम्हें, तुम शराबबंदी के पक्ष में थे न? विपक्ष के नेता चौबे ने कहा कि नीतीश की शराबबंदी बिहार में फेल हो चुकी है। शराब माफिया फल फूल रहे हैं। प्रशासन उन्हें प्रश्रय देता है। इसी वजह से लोग जहरीली शराब पीकर मर रहे हैं। मुख्यमंत्री को यह सब नहीं दिख रहा है। वह केवल हठधर्मिता कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि नीतीश सरकार बिहार में शराबबंदी लागू करने में बुरी तरह फेल हुई है। विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा है कि आखिर शराब कांड के बाद पुलिस विभाग के निम्न स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों हो रही है, जबकि शराब माफियाओं को संरक्षण ऊपर के अधिकारी देते हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराब पीकर हुई मृत्यु पर सरकार कोई सहायता राशि नहीं देगी।