प्रक्रिया लोकसभा चुनाव की चल रही है। भारतीय जनता पार्टी ने शहर विधायक अतुल गर्ग को लोकसभा का प्रत्याशी बना दिया है। सीधे सीधे कहुं तो बात लोकसभा चुनाव की होनी चाहिए। मगर में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि यदि अतुल गर्ग चुनाव जीत जाते हैं तो उस स्थिति में खाल हुई शहर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा किसे लड़ाएगी। बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि उस स्थिति में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर ब्राह्मïण हकदार हो जाएगा। लोगों ने उपचुनाव के संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी गणना करनी शुरू कर दी है। कोई लोकसभा प्रभारी अजय शर्मा को टिकट देने का पक्षाकार है तो कोई महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का। कुछ लोग केके शुक्ला को भी दावेदार बता रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा की लॉबी ने माहौल बनाना शुरू भी कर दिया है। चर्चा यह भी है कि भाजपा से उपचुनाव में त्यागी और पंजाबी वर्ग से भी दावेदारी होगी। वैसे भी त्यागीसमाज पश्चिम उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर भाजपा को जवाब देने की तैयारी में है। हालांकि मेरी नजर में अभी विधानसभा उपचुनाव की बात करना बहुत जल्दबाजी होगी। क्योंकि उपचुनाव में बहुत समय है। बात अभी लोकसभा चुनाव की ही होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल हुए प्रबुद्घ सम्मेलन में अतुल गर्ग को जिताने की बात कही तो जनरल वीके सिंह की प्रशंसा करके अपनी टीस भी उजागर कर दी। पिछले दो दिन से वीके सिंह के दिल्ली स्थित आवास पर लोगों की जो भीड़ उमड़ रही है उससे साफ प्रतीत हो रहा है कि वीके सिंह ने जनता के बीच क्या जगह बना रखी है। एक बात तो तय है कि भाजपा के लिए गाजियाबाद कमजोर कड़ी नहीं है मगर यदि विपक्ष पूरी ताकत लगा दे परिणाम कुछ भी हो सकता है। कांग्रेस ने डौली शर्मा पर विश्वास जताया है। डौली शर्मा कका चुनाव प्रबंधन देखना काफी महत्वपूर्ण रहेगा। मगर हैरानी यही है भाजपा के लोग विधानसभा उनचुनाव को लेकर इतने लालायित क्यों हैं?