गाजियाबाद। 15 वर्ष के लिए विज्ञापन का ठेका देने के मामले में अब कानूनी जंग शुरू होने जा रही है। इस मामले में पार्षद हिमांशु मित्तल की ओर से नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट फाइल की हुई है। इस पर सुनवाई संभावना है कि इसी सप्ताह हो जाएगी। कल यह केस सुनवाई परआ गया था। किसी कारण से इस पर सुनवाई नहीं हो पाई है। पैनल पर केस के आने से अब निगम के अधिकारियों के होश उड़े हुए है। इस कानूनी जंग को लेकर अब नगर निगम और पार्षद के बीच ही अलग से जंग चल रही है। पार्षद हिमांशु मित्तल कई बार निगम प्रशासन से बोर्ड की 16 अगस्त को हुई बोर्ड की बैठक की मिनट्स मांग चुके है। मगर उन्हें मिनट्स की प्रति नहीं दी गई है। विवाद के चलते पार्षद की ओर से नगर निगम को तीन बार पत्राचार किया जा चुका है। दरअसल निगम को लग रहा है कि अगर इस केस की सुनवाई हुई और मिनट्स की प्रति कोर्ट गई तो विवाद और बढ़ेगा। पार्षद मित्तल का आरोप है कि निगम ने बिना बोर्ड में प्रस्ताव को पास कराए ठेका पन्द्रह वर्ष के लिए दिया है। साथ ही उनका यह भी आरोप है कि गलत तरीके से निगम ने बोर्ड में एक प्रस्ताव पेश कर पास दिखा दिया है। विवाद के अब और बढऩे की संभावना है।