प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। इंदिरापुरम कॉलोनी में विज्ञापन के ठेके को लेकर जीडीए और निगम के बीच विवाद सुलट गया था मगर इसके बाद भी उलझन बनी है। कोर्ट के एक फैसले को लेकर एक बार फिर से नगर निगम बैक फुट पर आ गया है। जीडीए पहले ही कॉलोनी में चल रहे विज्ञापन के ठेके को निरस्त करने के लिए पत्राचार कर चुका है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर इस मामले में पहले ही जीडीए वीसी से अपनी आपत्ति जता चुके है। इससे पहले यह मामला शासन तक पहुंच गया था। शासन में नगर निगम ने ही पत्र लिखा था। निगम का कहना था कि अधिनियम के तहत नगर निगम को ही शहर में विज्ञापन पट लगाकर इनकम करने का अधिकर है। भले की नगर निगम को कॉलोनी हैंडओवर नहीं हुई हो। इसी विवाद के चलते नगर निगम प्रशासन ने जीडीए पर दबाव बनाया था कि इंदिरापुरम कॉलोनी में जो विज्ञापन का ठेका छोड़ा गया है उस ठेके को निररस्त किया जाए। जीडीए ने इसके बाद एक्शन लिया। मगर विवाद फिर कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट में जाने के बाद से नगर निगम फिर से बैक फुट पर आ गया है। अब निगम इस मामले में चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा है। इस प्रकरण में अब जीडीए के अधिकारी भी खुलकर बात करने को बच रहे है। माना जा रहा है कि जीडीए नगर निगम के बीच यह विवाद और भी लंबा चलेगा।