युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान लगे क्लोज सर्किट कैमरों के भुगतान को लेकर विजिलेंस जांच में फंसे अधिकारियों को अब राहत मिल सकती है। इस मामले में गत दिनों नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा बनाई गई कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। जांच अपर नगर आयुक्त आरएन पांडेय की अगुवाई में शुरू हो गई है। नगर निगम के हेल्थ अफसर डॉ. मिथलेश कुमार ने जांच अधिकारी आरएन पांडेय के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। इस मामले में हेल्थ विभाग के निवर्तमान स्टोर प्रभारी मोहन कुमार, तत्कालीन हेल्थ इंस्पेक्टर वीपी शर्मा तथा नगर निगम के हेल्थ अफसर डॉ. मिथलेश कुमार आरोपी हंै।
इन तीनों निगमकर्मियों के खिलाफ विजिलेंस ने खुली जांच की थी जिसमें इन तीनों को ही आरोपी बनाया गया। जांच पूरी होने के बाद विजिलेंस ने इन तीनों के खिलाफ अगली जांच करने और केस दर्ज करने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया। डॉ. कुमार ने इस मामले में नगर आयुक्त के यहां दस्तावेज देकर स्पष्टïीकरण दिया। उनका कहना था कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। मेयर आशा शर्मा ने बाद में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को अलग से कमेटी बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही नगर आयुक्त ने निगम स्तर पर इस प्रकरण की जांच करने के लिए अपर नगर आयुक्त पाडेंय की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। कमेटी जांच करेगी कि कंपनी के पदाधिकारियों से क्या वाकई में उनके द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के भुगतान के लिए पैसे मांगने का आरोप कितना सहीं है।