प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। हाल ही में नगर निगम के वार्ड आरक्षण के नियम के खिलाफ विवाद हो गया था। अब इस मामले में एक विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में अब 19 दिसंबर को सुनवाई होने जा रही है। वाद अधिवक्ता मुकेश की ओर से दायर किया गया है। बताया जा रहा है कि पहले नगर निगम का वार्ड-1 एससी महिला के लिए आरक्षित था, लेकिन हाल ही में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से वार्ड आरक्षण को लेकर नई पॉलिसी के तहत आरक्षण करने का निर्देश दिया गया था। इसी निर्देश के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से सात नवंबर को नगर निगम के सभी वार्डों के आरक्षण को फिक्स कर शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा है, लेकिन आरक्षण की इस नई व्यवस्था को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इस मामले में प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग की आरक्षण पॉलिसी को हाईकोर्ट में चुनौति दी गई है। हाईकोर्ट ने इस रिट को स्वीकार कर लिया है। इस मामले में सुनवाई के लिए अब 19 तारीख लगाई गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में नगर आयुक्त गाजियाबाद, डीएम गाजियाबाद और प्रदेश सरकार से अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। गाजियाबाद नगर निगम से जल्दी ही इस मामले को लेकर जवाब तैयार कर हाईकोर्ट में भेजा जा रहा है। अब देखना है कि 19 को हाईकोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाता है। इस फैसले पर नगर निगम प्रशासन की ही नहीं प्रदेश सरकार की भी नजर है। अगर हाईकोर्ट आरक्षण की इस पॉलिसी को खारिज करता है तो फिर एक बार फिर से वार्ड में आरक्षण की तस्वीर बदल सकती है।