सुब्रत भट्टाचार्य
गाजियाबाद। ‘कंधों से मिलते हैं कंधे, कदमों से कदम मिलते हैं, हम चलते हैं जब ऐसे दिल दुश्मन के हिलते हैं।Ó जी हां, वाकई में जब भारतीय वायुसेना के जवानों के कदम मिलते हैं तो दुश्मन चाहे पाकिस्तान हो चीन, उसके सैनिकों के दिल हिल जाते हैं। भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास और जवानों की जाबांजी का आज गाजियाबाद की सरजमीं पर प्रदर्शन किया गया। मौका था भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस से दो दिन पहले फुल ड्रेस रिहर्सल का। इस बार आत्मनिर्भर और सक्षम थीम पर वायुसेना का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। भारतीय वायुसेना आठ अक्टूबर को अपना 89वां स्थापना दिवस मना रही है। उसके दो दिन पहले आज हिंडन एयरबेस पर फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। आठ अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना की गई थी। 88 वर्षों के दौरान कई मौकों पर भारतीय वायुसेना में अपनी ताकत और पराक्रम का परिचय दिया।
फुल डे्रस रिहर्सल के दौरान कोरोना काल में ऑक्सीजन से भरी गाडिय़ों का परिवहन और लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर गतिरोध के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी दी गई। अफगानिस्तान में फंसे 2600 लोगों को निकालने में भी वायुसेना ने उत्कृष्ठ कौशल का परिचय दिया। लेकिन आज के शो में आर्कषण का केंद्र हाल ही में भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए राफेल विमान रहे। राफेल ने आकाश में हैरतअंगेेज करतब दिखाकर अपनी क्षमता से रूबरू कराया। ड्रेस रिहर्सल की शुरुआत आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम के आसमान से पैराशूट से उतरने की कला के साथ की गई। वरुण सिंह जामवाल के नेतृत्व में पांच टीम आठ हजार फीट ऊपर से पैराशूट के जरिए नीचे उतरी। इसके बाद वायुसैनिकों ने आर्कषक परेड पेश की। निशान टोली के साथ वायु सैनिकों ने शानदार परेड पेश की। ग्रुप कैप्टन समीर रंजन दास के नेतृत्व में वायुसैनिकों ने वायुसेना प्रमुख को सलामी पेश की।
पहली बार वायुसेना के गुरूड़ कमांडोज ने आपात स्थिति में कैसे लोगों को रेस्क्यू किया जाए, इसका प्रदर्शन किया। इसके बाद करीब एक घंटे तक भारतीय वायुसेना में आसमान में अपनी ताकत का इजहार किया। सबसे पहले राफेल ने काफी नीचे से उड़ान भरी। इसके बाद मिग-29 ने आसमान में वी फार्मेशन और त्रिशुल फार्मेशन में कमाल का प्रदर्शन किया। मिग-21 विमानों ने आसमान को भेदते हुए गर्जना के साथ उड़ान भरी। वायुसेना के ट्रेनिंग विमान टाइगर मॉथ और होवार्ड ने भी दर्शकों की वाहवाही लूटी। इसके बाद जब राफेल विमानों ने गर्जना भरी तो वायुसेना की असली ताकत का पता चला। राफेल विमानों ने कभी सीधी तो कभी उल्टी उड़ान भर कर अपने कौशल से परिचय कराया। राफेल युद्घक विमानों से भारतीय वायुसेना की ताकत में कई गुणा बढ़ोत्तरी हो गई है। वायुसेना के मालवाहक विमान हक्र्यूलिस ने भी वी फॉम में उड़ान भरी। सूर्यकिरण विमानों ने आसमान पर जबर्दस्त करतब दिखाए।