प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। कभी लोनी क्षेत्र में जमीनों को लेकर जिस तरह विवाद हुए और उसके बाद गैंगवार तक की नौबत आ गई। इतना ही नहीं आज लोनी की छवि जमीनों को लेकर जिले में सबसे अलग है। लोनी क्षेत्र में न जाने कितनी जमीनों को लेकर वर्चस्व की लड़ाई काफी समय से चल रही है, लेकिन अब वहां पहले जैसा माहौल नहीं है। लेकिन धौलाना क्षेत्र में अब लोनी की तरह ही जमीनों को लेकर दो बड़े नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरु हो गई है। दोनों बड़े नेता जमीनों को लेकर आमने-सामने आ गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धौलाना क्षेत्र में जमीनों की कीमत आसमान छू रही है। इस क्षेत्र में बड़े-बड़े वेयरहाउस बन गए हैं और दिल्ली व आसपास के व्यापारियों ने यहां पर जमीन खरीदकर रेट बढ़ा दिये हैं। सरकारी जमीनों पर भी कब्जे किये जा रहे हैं और यह सिलसिला कोई आज से नहीं लंबे समय से चल रहा है। लेकिन इस क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो बड़े भाजपा के नेता आमने-सामने आ गए हैं।
एक बड़े नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करके इस क्षेत्र की बेशकीमती जमीन को लेकर शिकायत की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बाकायदा जांच के लिये एसआईटी गठित की है। दूसरे बड़े भाजपा नेता ने भी मुख्यमंत्री को असली हकीकत से रूबरू कराया। दरअसल यहां पर एक कंपनी की जमीन को लेकर भी विवाद है। इस जमीन में भी कुछ घोटाले की खबर है।
सूत्र बताते हैं कि दो बड़े नेताओं के अलावा एक सांसद भी इस पूरे प्रकरण में रूचि ले रहे हैं। उन्होंने भी अपने लेटर पेड पर मुख्यमंत्री को जमीन के घोटाले की शिकायत की है। सूत्र बताते हैं कि इन नेताओं में केवल और केवल मूंछों की लड़ाई शुरु हो गई है और सभी अब अपने-अपने स्तर से इसमें कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बताते हैं कि एसआईटी के बाद एक बड़े नेता ने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने का भी मन बनाया है ताकि एसआईटी की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
बहरहाल जो कुछ भी हो रहा है उससे क्षेत्र में केवल व्यापारियों को ही नुकसान है और क्षेत्र में जिस तरह फैक्ट्रियां लग रही थीं या अन्य काम हो रहे थे, जिससे बाहर का पैसा भी आ रहा था फिलहाल इस वर्चस्व की लड़ाई के कारण उसपर कहीं ना कहीं रोक लग सकती है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के इन बड़े नेताओं की लड़ाई की वजह से प्रशासन के अफसर भी कई चक्की के पाटों में पिसते दिखाई दे रहे हैं।
एक सांसद ने एसडीएम धौलाना के पद पर एक अफसर का तबादला कराया था। थोड़े दिनों बाद ही उनको हटा दिया। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के एक नेता दावा कर रहे हैं कि धौलाना में वही होगा जो वह चाहेंगे। बहरहाल अफसर भी असमंजस में हैं कि वह वर्तमान जनप्रतिनिधियों की मानें या पूर्व जनप्रतिनिधि की। जो भी है धौलाना में इस समय जमीनों का मामला खूब चर्चा में है।