अति विशिष्ठ लोगों की गरिमाई मौजूदगी और तालियों की गूंज के बीच
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। तालियों की गूंज और अति विशिष्ठ लोगों की मौजूदगी में वरिष्ठ आइएएस राजेश प्रकाश की पुस्तक ‘जीवनशतक’ का लोकार्पण हुआ। हिन्दी भवन के सभागार में आयोजित यादगार समारोह के गवाह बने पूर्व न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल नई दिल्ली अशोक भूषण, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव वरिष्ठ आइएएस संतोष कुमार यादव, जनपद के जिला जज जितेंद्र सिन्हा, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, यशोदा अस्पताल के सीएमडी डॉ. पीएन अरोड़ा, चीफ टाउन प्लानर सतीश चंद गौड़, राजकमल प्रकाशन के सीईओ अशोक माहेश्वरी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पुस्तक के लेखक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अपर आयुक्त राजेश प्रकाश ने अपने बहुत ही खूबसूरत अंदाज में अपनी बात रखी। ४० मिनट से भी अधिक समय उन्होंने जिस अंदाज से अपनी बात रखी कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने उनके संबोधन को बहुत ही गंभीरता के साथ सुना। राजेश प्रकाश ने अपने संबोधन में कई पहलुओं को छुआ। उन्होंने आम जिंदगी को किस तरह जिया जाये इस पर भी अपनी बात रखी। उनके संबोधन का सार था कि हम समस्या को बड़ा नहीं समझे बल्कि उसका समाधान बड़ा रखें।
उन्होंने कहा कि राष्टï्रवाद एवं सनातन धर्म में जीवन को जीने के बारे में सब कुछ है। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढऩा चाहिए। राजेश प्रकाश ने बहुत ही अलग अंदाज में बताया कि किससे पंगा लें, किससे नहीं लें, सास-बहू और कई अहम पहलुओं को भी इस पुस्तक में रखा गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि राम चरित मानस में जीवन जीने का पूरा तरीका है।
भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव संतोष यादव ने बहुत ही खूबसूरत तरीके से भारत सरकार द्वारा तैयार की जा रही राष्टï्रीय शिक्षा नीति पर प्रकाश डाला। आपको बता दें कि संतोष यादव भारत सरकार में शिक्षा के ही अतिरिक्त सचिव हैं। उन्होंने बताया कि आने वाली शिक्षा नीति में बच्चों को सरकार इस तरह की शिक्षा देने जा रही है जिससे उनका एक अलग तरह से विकास हो और वो किताबों के बोझ से बचकर पहले ही क्लास से एक नई सोच और उमंग से आगे बढ़ें।
आइएएस राजेश प्रकाश ने बताया कि राष्टï्रवाद एवं सनातन धर्म से ओतप्रोत रहते हुए हम कैसे अपने जीवन का सुप्रबंधन कर सकते हैं, इस लक्ष्य को सामने रखते हुए ‘जीवनशतक’ लिखी गई है। पुस्तक को १०० चुनिंदा, रोचक एवं आकर्षक अध्यायों के अंतर्गत लिखा गया है। इसमें प्राचीन भारतीय सभ्यता, संस्कृति, साहित्य आदि के आधार पर आधुनिक मानवीय जीवन के पथ-प्रदर्शन का प्रयास किया गया है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस व हिंदी साहित्य के अन्य गं्रथों के प्रेरक-प्रसंगों को भी समाहित किया गया है।
पूर्व न्यायाधीश अशोक भूषण ने कहा कि पुस्तक जीवन को जीने का सही मार्ग दिखाएगी। इस दौरान विशिष्टï अतिथि के रूप में भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव संतोष कुमार यादव, गाजियाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, यशोदा अस्पताल के सीएमडी डॉ. पीएन अरोड़ा, एनसीआर सेल के चीफ कोऑर्डिनेटर प्लानर सतीश चंद्र गौड़ व पब्लिशर अशोक माहेश्वरी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि १९६७ में कानपुर देहात में जन्मे राजेश प्रकाश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। वह मऊ, उत्तरकाशी, गाजीपुर, इटावा, गाजियाबाद, श्रावस्ती, गौतमबुद्घनगर एवं मेरठ में विभिन्न पदों पर और फिरोजाबाद में जिलाधिकारी रह चुके हैं। वर्तमान में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अपर आयुक्त पद पर गाजियाबाद में तैनात हैं।
कार्यक्रम में युग करवट के एडिटर इन चीफ सलामत मियां, भारत समाचार के ब्यूरो प्रमुख लोकेश राय, सहारा के ब्यूरो प्रमुख अनुज चौधरी, वरिष्ठ शायर राज कौशिक, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल, संजय कुशवाहा, पूर्व डिप्टी एसपी पीपी कर्णवाल आदि मौजूद रहे। संचालन पूनम शर्मा ने किया।