पालिका कर्मी की बहाली पर हाईकोर्ट ने दिया स्थगन आदेश
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। लोनी नगर पालिका में निलंबित कर्मचारी तापसी सिंह का मामला लगातार विवादों में बना हुआ है। इस मामले में जहां हाईकोर्ट ने अधिशासी अधिकारी के तापसी सिंह की बहाली आदेश को क्रियान्वित करने पर स्थगन आदेश दिया है वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धाम ने अधिकारियों पर तथ्य छिपाने के आरोप लगाए हैं। रंजीता धाम ने आरोप लगाया कि तापसी सिंह के मामले की जांच पूरी किए बगैर ही अधिशासी अधिकारी द्वारा उसे बहाल करने की शिकायत की है। रंजीता धामा ने इस प्रकरण में मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर जांच अधिकारी पर तथ्य छुपाने के आरोप लगाए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 16 जनवरी को लोनी निकाय के निलंचित कर्मचारी तापसी सिंह के बहाली के आदेश पर स्थगन आदेश दिया है। तापसी सिंह को भूमि की गलत सूचना देने पर तत्कालीन अधिशासी अधिकारी की जांच आंख्या पर 2 अगस्त 2023 को निलंबन का आदेश दिया गया था और साथ ही एक जांच अधिकारी नियुक्त किया था। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही नियमों के विरूद्ध अधिशासी अधिकारी द्वारा तापसी सिंह को सरकारी सेवा नियमावली के विपरीत निलम्बन को निरस्त करते हुये कर्मचारी को बहाल कर दिया। इस संबंध में लोनी पालिकाध्यक्ष रंगोता धामा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर अब तापसी के बहाली आदेश पर हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया है। रंजीता धामा ने इस मामले में शासन से मजिस्ट्रेट स्तर का जांच अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी की है।