युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। लोक अदालक का सार, ना किसी की जीत ना किसी की हार, यह कहना है जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा रूंगटा का। उन्होंने बताया कि आज गाजियाबाद न्यायालय में भी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसमें ५० हजार वाद के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। लोकअदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिन्हा के करकमलों द्वारा हुआ। आज लगी राष्टï्रीय लोक अदालत में अपराधिक शमनीय मामले, धारा-१३८ के तहत आने वाले मामले, एनआई से संबंधित अपराधिक मामले, बैंक रिकवरी, पारिवारिक विवाद से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना, प्रतिकर वाद, ई-चालान और श्रम विवाद जैसे कई अन्य प्रकार केे वाद का निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जनपद न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार शर्मा के निर्देशन में हुआ। उन्होंने कहा कि राष्टï्रीय लोकअदालत के दौरान एक जोड़े के बीच विवाद का समाधान कराया गया।
यह जोड़ा अदालत से खुशी-खुशी घर लौटा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नेहा रूंगटा ने बताया कि राष्टï्रीय लोक अदालत के दौरान निस्तारित शमनीय अपराधिक मामलों के बाद ना तो किसी पक्ष को कोई हानि होती है और ना ही संबंधित पक्षों में वैमनस्य होता है। राष्टï्रीय लोक अदालत में मौजूद विशेष न्यायाधीश एससीएसटी रीता सिंह का कहना है कि राष्टï्रीय लोक अदालत लगाने का एक उदï्देश्य पीडि़त पक्षों को त्वरित आधार पर शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय प्रदान करना है। राष्टï्रीय लोक अदालत के दौरान जिला विद्यिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा, जिलाधिकारी आरके सिंह, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट रीता सिंह व सचिव नेहा रूंगटा सहित कई जज और न्यायायिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। समाचार लिखे जाने तक राष्टï्रीय लोक अदालत में विभिन्न अपराधिक मामलों से संबंधित वाद की सुनवाई चल रही थी।