युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में निराश्रित गोवंश की समस्या चुनावी मुद्दा न बने, योगी सरकार इसके लिए तैयारी दुरुस्त करने में लग गई है। शासन ने प्रदेश में बचे हुए निराश्रित गोवंश को 31 मार्च तक शत-प्रतिशत संरक्षित करने का निर्देश दिया है।
जिला भ्रमण के दौरान अधिकारियों को बचे हुए निराश्रित गोवंश की संख्या, जिले में कुल निर्मित व क्रियाशील अस्थायी गो आश्रय स्थलों की संख्या, निर्माणाधीन अस्थायी गो आश्रय स्थलों की संख्या, कुल अस्थायी गो आश्रय स्थलों की आवश्यकता, वृहद गो संरक्षण केंद्रों की संख्या आदि का ब्योरा भी अपनी रिपोर्ट में देना होगा।
गो आश्रय स्थलों में पशुओं के भरण-पोषण के लिए धनराशि की उपलब्धता, मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना की स्थिति के बारे में भी बताना होगा।
नोडल अफसरों को गो-आश्रय स्थलों की स्थितियों की जानकारी हासिल कर विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षात्मक रिपोर्ट देनी होगी। उन्हें अपनी रिपोर्ट में आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की संख्या, संरक्षित गोवंश के स्वास्थ्य, इयर टैग्ड पशुओं की संख्या, भूसा भंडारण क्षमता व उपलब्धता, चारे की व्यवस्था, दाना, सकेंद्रित आहार की व्यवस्था का जिक्र करना होगा। साफ पानी की उपलब्धता और चरही की संख्या, ट्यूबवेल, बोरिंग की स्थिति, पशुओं के टीकाकरण की स्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण की तिथि, दवाओं की उपलब्धता और ठंड से बचाव की व्यवस्था की भी समीक्षा करनी होगी।