युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। आठ राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्ति के बाद अब यह तय है कि मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात और आठ जुलाई के अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए है। आज होने वाली वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक को भी रद्द कर दिया गया है। मोदी मंत्रिमंडल में 23 मंत्रियों को शामिल करने की संभावना है। नए मंत्रियों की सूची फाइनल हो गई है। कई नेता जिनके मंत्री बनने की चर्चा है, दिल्ली पहुंच रहे हैं। कुछ नेताओं को फोन भी पहुंचने लगे हैं। यह विस्तार अगले एक- दो दिन में कभी भी हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी के कैबिनेट में किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा इसकी सूची में यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के नई नेताओं को शामिल किए गए। इनमें मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, असम से सर्वानंद सोनोवाल, महाराष्टï्र से नारायण राणे, उत्तर प्रदेश से अनुप्रिया पटेल और वरुण गांधी, बिहार से सुशील मोदी और पशुपति नाथ पारस और सीपी सिंह, महाराष्टï्र से प्रीतम मुंडे को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। वहीं, राजस्थान से भूपेंद्र यादव, मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय, बंगाल से दिनेश त्रिवेदी और दिलीप घोष और दिल्ली से मीनाक्षी लेखी को भी शामिल करने की संभावना जताई जा रही है। भिवंडी से भाजपा सांसद कपिल पाटिल को दिल्ली बुलाया गया है। माना जा रहा है कि कपिल पाटिल को भी कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है। जेडीयू कोटे से इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में चार चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
माना जा रहा है कि ललन सिंह, संतोष कुशवाह, रामनाथ ठाकुर और चंदेश्वर प्रसाद को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं पशुपति नाथ को मंत्री बनाए जाने को लेकर चिराग पासवान ने कोर्ट जाने की धमकी दी है। मंगलवार को चिराग पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पशुपति पारस को एलजेपी कोटे से मंत्री नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वह कोर्ट जाएंगे।