युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में दायर पीआईएल को संज्ञान लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज इसपर सुनवाई की। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजकर कल तक मामले की स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। स्टेटस रिपोर्ट मिलने के बाद अगली सुनवाई होगी। दो वकीलों के पत्र पर सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के वकील से रविवार को हुई हिंसा पर आरोपी और उनकी गिरफ्तारी को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। लखीमपुर कांड में चार किसानों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की गाड़ी से किसानों को कुचला गया। हिंसा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के दो वकीलों ने चीफ जस्टिस एनवी रमन को पत्र लिखकर सीबीआई जांच का निर्देश देने की मांग की है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि दो वकीलों ने दो दिन पहले एक लेटर लिखा था। इसके बाद हमने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इसे पीआईएल के रूप में रजिस्टर करें लेकिन गलतफहमी के चलते यह स्वत संज्ञान हो गया।
वहीं उत्तर प्रदेश का अल्पसंख्यक आयोग का प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी हिंसा के पीडि़त परिवार से मिलने लखीमपुर पहुंचा। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सिख प्रतिनिधि परविंदर सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री ने ने हमें बुलाकर बात की थी। उनका निर्देश था कि आयोग को जाना चाहिए। आयोग के सदस्यों ने मृतक किसानों के परिजनों से बातचीत की। सदस्य मृतक पत्रकार के घर भी गए। अल्पसंख्यक आयोग अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगा।