अदब के शहर लखनऊ में तीसरे चरण में मतदान होना है। नामांकन का कल अंति दिन है है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जीत तीसरी बार यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। बीते दो चुनाव से वह जीत का अंतर बढ़ा रहे हैं। अब तीसरी बार उनके समर्थकों को यकीन है कि वह पांच लाख से अधिक मतों से विजयी होंगे। इस यकीन के पीछे भी कई कारण हैं। पहली बात यह कि लखनऊ ऐसी संसदीय सीट है जहां से भाजपा वर्ष 1991 से लगातार जीत रही है। तब यहां से दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सांसद हुआ करते थे। अब उनकी परंपरा को राजनाथ सिंह आगे बढ़ा रहे हैं। लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही लखनऊ में जब से सरगर्मी बढ़ीं हैं तभी से यहां एक ही चर्चा पर विमर्श होता है। लखनऊ में लोग राजनाथ सिंह की हार-जीत पर बात करना पसंद ही नहीं करते। क्योंकि उनको यकीन है कि विजय श्री तो राजनाथ सिंह के साथ है ही। वह लोग बात करते हैं कि इस बार जीत का अंतर कितने का होगा। वर्ष 2019 के चुनाव में लखनऊ में कुल वोट 20 लाख 40 हजार 367 थे, कुल वोट 14 लाख 46 हजार 64 पड़े थे। इनमें से राजनाथ सिंह को 6 लाख 33 हजार 26 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर सपा-बसपा गठबंधन से प्रत्याशी पूनम सिन्हा थीं जिनको 2 लाख 85 हजार 725 वोट मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम 1 लाख 80 हजार 11 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। राजनाथ सिंह के पास 3 लाख 47 हजार 302 वोटों की लीड थी। इस बार लखनऊ में हर भाजपा कार्यकर्ता पांच लाख से जीत का दम भी रहा है। उनके सुर में आम लखनऊवासी भी सुर मिला रहा है। बीते पांच वर्षों में लखनऊ फ्लाईओवर्स की नई श्रंखला तैयार हुई है। हाइवे बने हैं, लखनऊ के विकास की नई इबारत लिखी गई है। राजनाथ सिंह के पुत्र नोएडा विधायक पंकज सिंह और नीरज सिंह चुनाव प्रचार की डोर संभाले हुए हैं। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में पूरा महानगर संगठन अपनी जिम्मेदारी संभाले हुए है। बताया जा रहा है कि इस बार के चुनाव में लखनऊ नई कहानी लिखने जा रहा है।