युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। रोप-वे का संशोधित डीपीआर अगले महीने तकतैयार हो जाएगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि आखिर इस पर कितना खर्च आएगा। पहले फेज में रोप-वे को रेलवे स्टेशन से मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन को जोड़ा जाएगा। रोप-वे प्रोजैक्ट को लेकर वैसे जीडीए भी फंसा हुआ है। दरअसल उसके पास पैसे की काफी किल्लत है। बावजूद इसके जीडीए इस प्रोजैक्ट पर कार्य करना चाहता है। उन्हें उम्मीद है कि शासन से इसके लिए पैसा मिल जाएगा।
सांसद वीके सिंह चाहते है कि वैशाली को मोहननगर मेट्रो स्टेशन और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से नया बस अड्डा मेट्रो और हाईस्पीड ट्रेन के स्टेशन को जोड़ा जाए। सांसद वीके सिंह की कोशिशों का ही नतीजा है कि आनन फानन में जीडीए ने दोनों डीपीआर तीन महीने पहले तैयार करा लिए। दोनों ही डीपीआर के मुताबिक करीब 1900 करोड़ रुपये दोनों ही प्रोजैक्ट पर खर्च होना था।
इतनी बड़ी रकम जीडीए के पास नहीं है। ऐसे में जीडीए ने बाद में फैसला लिया कि पहले गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के रोप-वे पर कार्य किया जाए। इसके लिए जो डीपीआर तैयार किया गया था उसमें भी कई तरह की खामी बाद में पाई गई। ऐसे में जीडीए का इंजीनियरिंग विभाग अब इस रूट के रोप-वे प्रोजेक्ट का संशोधित डीपीआर तैयार करा रहा है।
इंजीनियरिंग विभाग ने संशोधित डीपीआर तैयार करने के लिए एक्सपर्ट कंपनी के साथ वार्ता भी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इसी महीने इस के लिए कंपनी और जीडीए के बीच सहमति बन जाएगी। अगर रोप-वे से गाजियाबाद स्टेशन , मेट्रो स्टेशन और हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन जुड़ जाता है तो हर रोज इससे कई हजार यात्रियों को लाभ होगा।