युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब रोडवेज प्रशासन भी आगे आ रहा है। रोडवेज अपने बेड़े में अब डीजल के बजाय सीएनजी चालित बसों को शामिल करेगा। इसके लिए रोडवेज करीब साढ़े तीन सौ बसें खरीदने जा रहा है। जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी रोडवेज पहली बार नई बसों की खरीद कर रहा है। अभी तक रोडवेज की गाजियाबाद रीजन में केवल डीजल बसें ही चलती थी। हालांकि रोडवेज को छह वर्ष पहले करीब 70 सीएनजी बसें दी गई थी। इन सीएनजी बसों को रोडवेज लोकल रूटों पर संचालित करता है। रोडवेज प्रशासन पिछले कई वर्षों से नई बसों की खरीद करने की कोशिश कर रहा है। हर बार रोडवेज को इन बसों की खरीद के लिए पीछे हटना पड़ रहा है। इसका कारण पिछले दो बार से कोरोना से होने वाला नुकसान है। रोडवेज प्रशासन का दावा है कि अब वह डीजल बसों के बजाय अपने बेड़े में सीएनजी बसों को शामिल करेगा। ऐसा प्रदूषण से बचाव के लिए किया जा रहा है।
रीजन के आरएम एके सिंह ने बताया कि रोडवेज प्रशासन नई तकनीकी वाली सीएनजी बसें खरीदेगा। अभी तक जो बसें रोडवेज के पास है वह एक बार सीएनजी लेने के बाद करीब 150 से 200 किलोमीटर चलती है। रोडवेज अब नई तकनीकी की ऐसी बस ले रहा है । इन बसों की खूबी होगी कि वह एक बार सीएनजी लेने के बाद करीब चार सौ से पांच सौ किलोमीटर चलेंगी।
रोडवेज का कहना है कि सीएनजी बसों से प्रदूषण तो कम होगा ही साथ ही इन बसों से रोडवेज का डीजल खर्च भी बढऩे से इनकम कम होने का खतरा भी कम होगा। रोडवेज का दावा है कि नई बसों में से गाजियाबाद रीजन को 50 बसें मिलेंगी। इन बसों को रोडवेज लॉन्ग रूट पर चलाएगा।