नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी व दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड दरोगा लोकेश शर्मा की पुलिस कैप पहनना उनके बेटे सुमित शर्मा को भारी पड़ गया। दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सुमित को जेल भेज दिया। सुमित के पिता लोकेश शर्मा ने इस पूरे मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस आयुक्त से की है। उन्होंने इस मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीटीआई संवाददाता हेमंत त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि रिटायर्ड दरोगा लोकेश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा सुमित शर्मा एक बैंक में उच्च पदस्थ अधिकारी है। वह अपने पुत्र के इलाज के लिए यशोदा अस्पताल नेहरू नगर में थे, क्योंकि उसका पांच वर्षीय बेटा डांसिंग फ्लोर पर ३१ दिसंबर की रात डांस करते हुए बेहोश हो गया था। लोकेश शर्मा ने बताया कि एक जनवरी की रात को सुमित अस्पताल से दिल्ली के खारी बावली इलाके में किसी काम से पहुंचा था। दिल्ली के श्रद्घानंद मार्ग पर पहुंचने के लिए वह लघुशंका के लिए उतरा, लेकिन तेज ठंड होने के कारण सुमित ने गाड़ी में रखी अपने पिता की पुलिस की गर्म कैप पहन ली। हालांकि, सुमित उस समय सादे कपड़े ही पहने हुए था। जब सुमित वापस कार की तरफ आया तो बूथ पर तैनात एक सिपाही ने उसे रोक कर पुलिस टोपी पहनने का कारण पूछा। सुमित ने सिपाही को पूरी जानकारी दी, लेकिन उसके बाद सिपाही ने सुमित से दो हजार रुपए मांगे, और ना देने पर बंद करने की धमकी दी। सुमित ने सिपाही को पैसे नहीं दिए और सौ नंबर पर कॉल कर दी। इस पर भडक़े सिपाही ने सुमित पर पुलिस की टोपी पहन उगाही करने का मुकदमा दर्ज कर दिया और दिल्ली पुलिस के पांच कर्मी, एक सब इंस्पेक्टर सहित दो जनवरी को यशोदा अस्पताल से सुमित को ले गए, लेकिन सुमित को उसके पिता जमानत पर छुड़ा लाए। पीटीआई संवाददाता हेमंत त्यागी ने बताया कि जब इस सम्बंध में सहायक पुलिस कमिश्नर द्वितीय आलोकी दुबे से पूछा किया तो उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने सम्बंधित थाने में आमद नहीं कराई थी। दिल्ली पुलिस बिना सम्बंधित थाने को सूचना दिए ही सुमित को गिरफ्तार कर ले गई। इस मामले में पीडि़त पिता ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को लिखित में शिकायत दी है।